महनार : नुमंडल के चमरहरा गांव स्थित नरसिंह मंदिर परिसर में मंगलवार को आयोजित पंचायत में पंचों ने स्कूली छात्राओं के साथ छेड़छाड़ करनेवाले मनचलों को एक-दूसरे के चेहरे पर कालिख पोतने और पंचों के सामने उठक-बैठक करायी.
मंदिर परिसर में तीनों युवकों ने भविष्य में किसी लड़की के साथ छेड़छाड़ नहीं करने का संकल्प लिया. समाज के लोगों ने तीनों के अभिभावकों को चेतावनी दी कि भविष्य में इस तरह के मामले की पुनरावृत्ति होने पर कानूनी कार्रवाई की जायेगी. जानकारी के अनुसार तीन मनचले दोस्त दूसरे गांव में जाकर स्कूली छात्राओं के साथ पिछले कई दिनों से छेड़खानी किया करते थे. तीनों युवकों की करतूतों से तंग आकर छात्राओं ने अपने अभिभावकों को घटना की जानकारी दी. छात्राओं की शिकायत पर अभिभावकों ने तीनों युवकों को मौके पर धर दबोचा.
पकड़े जाने पर तीनों ने चमरहरा गांव के प्रतिष्ठित लोगों का पुत्र होने की झांसा देकर निकलना चाहा. लोगों ने चमरहरा ग्राम विकास समिति के अध्यक्ष रामनरेश सिंह को मोबाइल पर घटना की जानकारी दी. तत्काल रामनरेश सिंह घटनास्थल पर पहुंचे और तीनों आरोपित युवकों को देखते ही पहचान लिया. उन्होंने इस बात का खुलासा किया कि मारपीट किये जाने के डर से तीनों ने अपने पिता का नाम गलत बताया है. मौके पर समिति के अध्यक्ष ने मंगलवार को मामले को लेकर पंचायत बैठाने और पंचों के फैसले के अनुसार दोषी लड़कों को सजा देने का भरोसा दिया. ग्रामीणों ने श्री सिंह के आश्वासन के बाद पकड़े गये मनचले प्रिंस कुमार ठाकुर, पंकज कुमार पासवान और उत्तम पासवान को छोड़ दिया. उसी कड़ी में मंगलवार को चमरहरा नरसिंह मंदिर परिसर में पंचायत बुलायी गयी.
पंचायत में तीनों ने अपनी गलती स्वीकार की. पंचायत के फैसले के अनुसार तीनों ने एक-दूसरे के चेहरे पर कालिख पोतने के बाद पंचों के सामने उठक-बैठक की और मंदिर परिसर में भविष्य में इस प्रकार की गलती नहीं करने का संकल्प लिया. खाप पंचायत की तर्ज पर पंचों के इस फैसले की चर्चा क्षेत्र में दिन भर होती रही. आम लोगों ने पंचायत के फैसले की सराहना की. ग्राम विकास समिति के कार्यों से क्षेत्र के लोगों में गांधी के स्वराज के सपने साकार होते दिखने लगे हैं.
