गिरफ्तार प्रिंस के पास से बरामद हथियार को दिखाते एसपी.
हाजीपुर : वैशाली पुलिस के गिरफ्त में आये कुख्यात अपराधी प्रिंस कुमार उर्फ अभिजीत कुमार ने वर्ष 2011 में अपराध की दुनिया में कदम रखा था. सीतामढ़ी में लूट की एक बड़ी घटना को अंजाम देकर वह सुर्खियों में आया था. इसके बाद उसने पीछे मुड़ कर कभी नहीं देखा. बीते 5 साल में उसके सीतामढ़ी, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर और वैशाली जिले के कई थानों में लूट और डकैती की घटनाओं को अंजाम देकर पुलिस के लिए सिरदर्द बन गया था. वर्ष 2016 में उसने वैशाली जिले में एक दर्जन से अधिक लूट की घटनाओं को अंजाम देकर पुलिस के लिए चुनौती बन गया था.
वैशाली में बनाया था नया गिरोह : भगवानपुर कॉलेज में बीटेक की पढ़ाई कर रहा प्रिंस गिरोह का सरगना था. उसने जिले में अपना एक गिरोह बना रखा था. उसके गिरोह में रोहित, विकास, राहुल, चंदन और गौतम शामिल थे. पुलिस ने उसके अन्य साथी को पूर्व में गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है. गौतम अभी भी फरार चल रहा है. पुलिस गौतम को पकड़ने के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है.
आपराधिक इतिहास की है लंबी फेहरिस्त
वर्ष 2011 में सीतामढ़ी में हुई लूटपाट की घटना में प्रिंस की संलिप्तता उजागर होने और पुलिस की सक्रियता को देख उसने वैशाली की ओर रुख किया. उसी साल उसने गोरौल थाना क्षेत्र में 3 जुलाई को लूटपाट की घटना को अंजाम दिया था. इस संबंध में गोरौल थाने में उसके खिलाफ कांड संख्या 145/11 के तहत प्राथमिकी दर्ज हुई थी. वैशाली पुलिस से बचने के लिए वह अंडर ग्राउंड हो गया लेकिन दो साल बाद ही 23 मार्च 2014 को उसने भगवानपुर थाना क्षेत्र में लूट की एक बड़ी घटना को अंजाम देकर वैशाली पुलिस के रडार पर एक बार फिर चढ़ गया. पुलिस उसे दबोचने के लिए उसके मोबाइल को ट्रैकिंग पर रखा. बीते दस माह में उसने जिले में एक के बाद एक बड़ी लूट की घटनाओं को अंजाम देकर पुलिस महकमे में खलबली मचा दी.
अन्य साथियों की गिरफ्तार के लिए छापेमारी तेज
हाल के दिनों में जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में हुई लूट व डकैती कांड में प्रिंस शामिल था. उसके गिरोह के अन्य साथियों को गिरफ्तार करने के लिए छापेमारी की जा रही है. प्रिंस की गिरफ्तारी पुलिस के लिए चुनौती बनी हुई थी.
राकेश कुमार, एसपी, वैशाली
