हाजीपुर : नोट बंदी के बाद केंद्रीय कर्मचारियों को पहली वेतन मिली. कई विभागों में राशि नोटों के रूप में दी गयी. इससे इसके कर्मचारियों में खुशी की लहर थी. सभी ने कहा कि बैंकों में बड़े नोट ही मिल रहे थे, जिससे परेशानी थी. अब वेतन के रूप में छोटे नोट मिले हैं, जिससे कुछ राहत मिली है. कई कर्मचारियों ने कहा कि एटीएम में लोगों की लंबी लाइन रहती थी,
जिससे परेशानी हो रही थी. कई कामों को रोक दिया गया था. जो आवश्यक थे वहीं काम हो रहे थे. जोनल कार्यालय में कार्यरत सुरेश सरकार, धर्मेंद्र कुमार, जयपाल सिंह यादव आदि ने बताया कि कई दिनों से कई काम खुदरा के कारण रुके पड़े थे. हालांकि उन लोगों ने यह भी जानकारी दी कि नोट बंदी से परेशान जोनल कार्यालय में पदस्थापित कर्मियों को दस-दस हजार रुपये वेतन मद के दिये गये थे लेकिन यह राशि ऊंट के मुंह में जीरे के रूप में थी. गुरुवार को करेंसी के रूप में वेतन मिलने से राहत मिली है. जबकि राज्य सरकार के कर्मियों को अभी वेतन का इंतजार है. उनका मानना है कि केंद्रीय कर्मचारियों की तरह उन्हें भी राशि के रूप में ही पैसा मिलना चाहिए था, जिससे उन्हें राहत मिलती.
