लोगों को भा रही बांस से बनी कलाकृतियां

हाजीपुर : मेले में ग्रामश्री मंडप में बांस कला के शिल्पकार अपने हुनर का जलवा बिखेर कर मेला में आने वाले लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच रहे हैं. शिल्पकार अपनी प्रतिभा का लोह मनवा रहे हैं. उनके हुनर को पसंद करने वाले लोग इस कलाकारी के मुरीद हो जाते हैं एवं सहसा उनकी जुबान […]

हाजीपुर : मेले में ग्रामश्री मंडप में बांस कला के शिल्पकार अपने हुनर का जलवा बिखेर कर मेला में आने वाले लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच रहे हैं. शिल्पकार अपनी प्रतिभा का लोह मनवा रहे हैं. उनके हुनर को पसंद करने वाले लोग इस कलाकारी के मुरीद हो जाते हैं एवं सहसा उनकी जुबान से प्रशंसा के अल्फाज निकल पड़ते हैं. इसमें दो राय नहीं है कि ऐसे कलाकारों के लिए मेला ऐसा मंच बनता है जो कलाकारों को प्रसिद्धि और शोहरत दिलाता है. शिल्पकार समस्तीपुर जिले के धमौन गांव के रामचंद्र सहनी पूरे परिवार के साथ इस कला में लगे हैं.

18 अक्तूबर 2016 को पटना में लगे ललित कला महोत्सव में सीएम नीतीश कुमार के हाथों से सम्मानित किया गया था.
इसके पहले भी चार बार सम्मानित हो चुके हैं. शिल्पकार ने बताया कि बांस की मूर्तियों को एवं अन्य शिल्प कलाओं के निर्माण का गुण विरासत में अपने पिताजी से पाया है. इस हुनर के सहारे देशभर में शोहरत और प्रसिद्धि मिली है. 1990 से इस कार्य को कर रहे हैं. भाई रामचंद्र राम और प्रमोद राम भी इस कला में निपुण हैं.
चारों भाई इस कला के लिए शिल्प पुरस्कार से सम्मानित हो चुके हैं. शिल्पकार ने बताया कि सबसे छोटा भाई संजय राम ऐसे शिल्पकार हैं कि वह किसी इनसान का चेहरा और फोटो देख कर 12 दिनों में बांस से उसकी आकृति बना देते हैं. बांस की बनी मूर्तियां मनमोहक और जीवंत होती है.
बांस की कलाकृति देखते लोग

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