चेहराकलां : बेजुबान बेसहारा की दुकानदारों ने मदद एक मिसाल कायम कर दी है. महुआ-मुजफ्फरपुर मुख्य मार्ग पर अवस्थित कंचन चौक कटहारा पर कहीं से भटकते हुए एक बोलने में असमर्थ एक बेजुबान युवा पहुंच गया. घटना दीपावली के आसपास की है. दिन भर वह बेसहारा युवा एक ही जगह बैठा रहा.
लोगों ने उसे नजरअंदाज कर दिया. सभी दुकानें बंद होने बाद भी चुपचाप बैठे एक अजनबी को देख स्थानीय बनारसी मिष्ठान्न भंडार के नगीना कुमार तथा दिलीप पान दुकान के संजय कुमार ने पूछताछ शुरू की. बेजुबान का जवाब नहीं मिलने पर बोलने की क्षमता नहीं होने की बात स्पष्ट हो गयी. दोनों दुकानदारों ने मिल कर उसके खाने-पीने व रहने की व्यवस्था की जिम्मेवारी उठा ली है. पर, नाम पता के अभाव में उसे परिजनों के यहां पहुंचाने में असमर्थ हैं. परिजनों की राह देखते हुए उस बेजुबान की झलक से लोग द्रवित हो जाते हैं.
