हाजीपुर : महात्मा गांधी सेतु मंगलवार को जाम से कराह उठा. सुबह से देर रात तक वाहन जहां-तहां फंसे रहे. जाम के कारण सेतु पार करने में वाहनों को तीन से चार घंटे का समय लगा. छोटे-बड़े वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं. सेतु के पूर्वी लेन का नजारा वाहन पार्किंग की तरह दिखा.
आड़े-तिरछे खड़े वाहनों के कारण चार चक्का वाहन तो क्या, बाइक चालकों को भी निकालने में काफी परेशानी उठानी पड़ी. जाम का खमियाजा कई बीआइपी और प्रशासनिक वाहनों के चालकों को भी भुगतनी पड़ी. पूर्वाह्न में जाम से वाहनों को निकालने के लिए सेतु पर तैनात जवानों ने काफी मशक्कत की, लेकिन अपराह्न ढाई बजे जाम की स्थिति इतनी भयावह हो गयी कि तैनात होमगार्ड के जवानों ने भी अपने को किनारे कर लिये. चालक अपनी सूझ-बूझ से वाहन आगे बढ़ा रहे थे. सबको आगे निकलने की होड़ थी.
फुटपाथ से निकल रहे थे बाइक चालक
सुबह से जाम लगने के कारण सेतु के पूर्वी लेन में वाहनों की दो कतारें लगी हुई थीं. बायां लेन में मालवाहक वाहन खड़े थे, तो दायें लेन में पैसेंजर वाहन. इसी लेन में निजी वाहन भी खड़े थे. वाहनों के आड़े-तिरछे खड़े होने के कारण बाइक निकलना भी मुश्किल था.
निजी वाहनों से लगता रहा जाम : छठ पर्व को लेकर झारखंड के विभिन्न जिलों, ओड़िशा और राजधानी पटना के आसपास के जिलों के लोग सेतु पार कर अपने-अपने पैतृक घर तथा रिश्तेदारों के यहां गये थे. चार दिवसीय महापर्व में जाने के दौरान लोग अलग-अलग तिथियों में गये थे, लेकिन लौटने का सिलसिला उनलोगों का मंगलवार से शुरू हो गया. अचानक सेतु पर छठव्रत से लौट रहे लोगों के निजी वाहनों का दबाव बढ़ जाने से जाम की स्थिति उत्पन्न हो गयी.
जाम का असर एनएच पर दिखा : जाम लगने का असर एनएच पर भी दिखा. सेतु के टोल प्लाजा के समीप वाहन इस प्रकार पांच से छह लाइन में खड़े थे. टोल प्लाजा का नजारा किसी वाहन पार्किंग की तरह दिख रहा था.
