सोनपुर : सतर्कता जागरूकता सप्ताह के क्रम में सोनपुर मंडल की ओर से भ्रष्टाचार निवारण में जन सहभागिता विषय पर सेमिनार का आयोजन किया गया. संबोधित करते हुए सोनपुर के मंडल रेल प्रबंधक मनोज कुमार अग्रवाल ने कहा कि ईमानदारी, पारदर्शिता और जवाबदेही को प्रोत्साहन देने के लक्ष्य को अधिक प्रभावी बनाने के लिए हमें […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
सोनपुर : सतर्कता जागरूकता सप्ताह के क्रम में सोनपुर मंडल की ओर से भ्रष्टाचार निवारण में जन सहभागिता विषय पर सेमिनार का आयोजन किया गया. संबोधित करते हुए सोनपुर के मंडल रेल प्रबंधक मनोज कुमार अग्रवाल ने कहा कि ईमानदारी, पारदर्शिता और जवाबदेही को प्रोत्साहन देने के लक्ष्य को अधिक प्रभावी बनाने के लिए हमें सतत उपाय करने होंगे.
साथ ही आमजन के बीच जागरूकता उत्पन्न करनी होगी. उन्होंने कहा कि सुधार की शुरुआत अपने आप से करनी होगी. आत्म सुधार से ही सिस्टम में सुधार आयेगा. इस अवसर पर पूर्व मध्य रेल मुख्यालय से आये उप मुख्य सतर्कता अधिकारी यातायात शिखा श्रीवास्तव ने कहा कि भ्रष्टाचार उन्मूलन के लिए प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी को सजग रहना होगा.
साथ ही रेलवे से जुड़ी अन्य एजेंसियों को भी अपनी प्रतिबद्धता साबित करते हुए उत्कृष्टता की ओर कदम बढ़ाना होगा. इस अवसर पर लेखा के उप मुख्य सतर्कता अधिकारी अशोक कुमार पाठक ने कहा कि सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को अपनी अचल संपत्ति की घोषणा प्रत्येक वर्ष 31 जनवरी तक कर देनी है. रेलवे कर्मचारी यदि कोई बड़ा लेन-देन करते हैं,
तो उसकी सूचना भी विभाग को देना आवश्यक है. उप मुख्य सतर्कता अधिकारी इंजीनियरिंग एसपीएस यादव ने कहा कि टेंडर को फाइनल करते समय नियमों का पालन किया जाना आवश्यक है. टेंडर खुलने के बाद टेंडर की शर्तों में किसी प्रकार का बदलाव नहीं किया जाना चाहिए. उप मुख्य सतर्कता अधिकारी जेके सिंह ने कहा कि रेलवे में होने वाले सभी कामों की सही मापी की जानी चाहिए. नियमानुसार 20 प्रतिशत का अर्थ अधिकारी स्तर पर जांच की जानी है.
जबकि सीनियर सुपरवाइजर स्तर पर सौ फीसदी काम वेरीफाइ किया जाना चाहिए. मुख्यालय से आये उप मुख्य सतर्कता अधिकारी भंडार महेश कुमार ने कहा कि सामग्रियों की खरीद करते समय उसकी गुणवत्ता की सही जांच की जानी चाहिए. गुणवत्ता के साथ किसी प्रकार का समझौता रेलवे अधिकारी के लिए और संगठन के लिए हानिकारक है. सेमिनार का संचालन वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी अजीत कुमार ने किया.
सेमिनार में वरीय मंडल वाणिज्य प्रबंधक दिलीप कुमार, वरीय मंडल इंजीनियर समन्वय जावेद अख्तर, वरीय मंडल यांत्रिक इंजीनियर अनुपम कुमार सुमन, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर जीएन पांडा, आलोक कुमार झा, विनोद गुप्ता सहित अनेक अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे.
जवाबदेही के लक्ष्य को और भी प्रभावी बनाये का करेंगे उपाय : डीआरएम