हजारों आंखों ने शहीद को दी अश्रुपूर्ण विदाई

श्रद्धांजलि . शहीद राजीव का शव गांव पहुंचते ही माहौल हुआ गमगीन, डीएम, एसपी ने दी अंतिम विदाई हाजीपुर/महुआ : शहीद होना गर्व की बात है. देश के लिए जीना और ही बड़ी बात है. महुआ में शहीद के शव के आने के बाद सभी यही कह रहे थे. पूरा क्षेत्र अमर रहे के नारों […]

श्रद्धांजलि . शहीद राजीव का शव गांव पहुंचते ही माहौल हुआ गमगीन, डीएम, एसपी ने दी अंतिम विदाई

हाजीपुर/महुआ : शहीद होना गर्व की बात है. देश के लिए जीना और ही बड़ी बात है. महुआ में शहीद के शव के आने के बाद सभी यही कह रहे थे. पूरा क्षेत्र अमर रहे के नारों से गूंजता रहा. हर युवा देश के लिए जीने और मरने की कसमें खा रहा था. गंडक नदी के किनारे कोनहारा घाट पर शहीद के अंतिम संस्कार किया गया.
प्रखंड के गोविंदपुर पंचायत में सोमवार की सुबह शहीद राजीव कुमार राय का शव पहुंचते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गयी. शहीद को देखने के लिए क्षेत्र के दर्जनों गांव से हजारों लोगों की भीड़ घर पर उमड़ पड़ी. हर लोग भारत मां के वीर सपूत राजीव के शव को एक झलक देखने को बेताब थे. उनके परिजनों के चीख पुकार से माहौल गमगीन बना हुआ था. मिली जानकारी के अनुसार पंचायत के चखाजे गांव निवासी मधुसूधन राय के 40 वर्षीय पुत्र राजीव कुमार राय पिछले
19 वर्षों से भारतीय सेना में तैनात थे. स्व. राय उधमपुर में शहीद हो गये. उनकी मौत का खबर घर पहुंचते ही मां कौशल्या देवी, पिता मधुसूधन राय, पत्नी संगीता देवी, पुत्री शिवानी एवं श्रुति तथा पुत्र सत्यजीत का रो रोकर बुरा हाल था. सोमवार की सुबह सेना के जवान कड़ी सुरक्षा के बीच जैसे ही शहीद के शव को लेकर घर पर पहुंचे हजारों लोगों की भीड़ उनके अंतिम दर्शन को उमड़ पड़ी. मौके पर वैशाली जिलाधिकारी रचना पाटिल तथा एसपी राकेश कुमार भी घर पर पहुंच कर शहीद जवान के वृद्ध माता, पिता, पत्नी एवं बच्चों से मिल कर शोक जताया तथा उनके पार्थिव शरीर पर पुष्पार्पित कर जिलाधिकारी ने श्रद्धांजलि दी. जबकि एसपी श्रीकुमार ने पुष्पार्पितक करने के बाद शहीद को सलामी दी. मौके पर एसडीओ मुमताज आलम, डीएसपी अनंत कुमार राय, बीडीओ आफताब आलम, महुआ थानाध्यक्ष सह इंसपेक्टर भागीरथ प्रसाद, तिसीऔता थानाध्यक्ष चरणजीत कुमार के साथ काफी संख्या में पुलिस बल के साथ गण्यमान लोग उपस्थित थे. शहीद जवान की शोभा यात्रा गांव से निकाली गयी. जिसमें राज्य व केंद्र के पुलिस पदाधिकारियों के अलावे प्रखंड मुखिया संघ अध्यक्ष संजीत कुमार, पूर्व अध्यक्ष अजय भूषण दिवाकर, मुखिया दिनेश पासवान, रामनरेश साह, मुन्ना सरकार के अलावे काफी संख्या में लोग हाजीपुर स्थित कौनहारा घाट के लिये रवाना हुए. जहा सेना के जवानों की उपस्थिति में राष्ट्रीय सम्मान के साथ शहीद जवान का दाह संस्कार किया गया.
होश हवास खो रही थी पत्नी : शहीद जवान की पत्नी संगीता देवी अपने पति की मौत के बाद पूरी तरह से होश-हवास खो बैठी है. गत चार दिन पूर्व शहीद हुए राजीव का शव सोमवार को घर पहुंचते ही वह दहाड़ मारकर रो पड़ी. बक्से में बंद और तिरंगे में लिपटे शव को देख वह बार-बार बेहोश हो जा रही थी. इतनी दर्द भरी दास्तां को देख जिलाधिकारी रचना पाटिल ने संगीता और उनके बच्चों से मिल शोक जताते हुए उसे ढांढस बंधाया.
जीता हूं देश के लिए : पिता का शव को देख शहीद जवान की पुत्री शिवानी श्रुति एवं पुत्र सत्यजीत का चेहरा पूरी तरह मुरझा गया. बच्चों को रोते देख हर एक आदमी का दिल दहल उठा. जबकि शहीद भाई के गम में राजीव का छोटा भाई आर्मी जवान संतोष कुमार राय ने रोते रोते कहा कि सारी दुनिया दिवाली मना रही थी और मैं भाई का शव लेने के लिये बेचैन था. आर्मी संतोष ने कहा कि हम सब भारत मां के वीर सपूत हैं. देश की रक्षा हमारा धर्म है. जीता हूं देश के लिये और मर मिट जाऊंगा देश के लिए.
नहीं जले दीप : गोविंदपुर पंचायत में दीवाली नहीं मनायी गयी. पंचायत के चखाजे निवासी आर्मी जवान राजीव कुमार राय को उधमपुर में शहीद होने की खबर गांव में आते ही कोहराम मच गयी. लोगों की भीड़ उनके घर पहुंच परिजनों से मिल शोक जताया. उनकी याद में पूरे पंचायत के लोग मिल कर दीपावली का पर्व नहीं मनाया.
ग्रामीण की आंखों में आया आंसू : भारतीय सेना में तैनात पुत्र को खोने के बाद शहीद राजीव के शव घर आते ही व़ृद्ध पिता मधुसूधन राय उसे देख सदमे में आ गये. वे डीएम, एसपी के पास खड़े होकर फफक-फफक कर रो पड़े. शहीद पुत्र के वियोग में रो रहे वृद्ध पिता को देख डीएम एसपी का चेहरा भी कुछ पल के लिये पूरी तरह से भावुक हो गया.
जबकि पिता को रोते देख ग्रामीणों की आंखों से भी आंसू छलक गये.
शहीद की एक झलक पाने के िलए लोग िदखे बेताब, शव यात्रा में शािमल हुए हजारों लोग
शहीद की शव यात्रा में निकला जुलूस.
बेटा गया, अगर पोता भी बड़ा होता उसे भी देश को देती
घर पर पहुंचे पुलिस पदाधिकारी एवं लोगों की भीड़ देख शहीद जवान की वृद्ध मां कौशल्या देवी के चेहरे पर भी पुत्र की मौत का गम तो था, लेकिन वृद्ध मां आंखों में आंसू लिये ही बोल पड़ी गर्व की बात है कि मेरा बेटा देश की रक्षा के लिये शहीद हुआ है. पोता बड़ा नहीं है अन्यथा उसे भी देश की सेवा में भेज देते. देश की रक्षा में शहीद हुए वृद्ध मां की इस बात को सुन कुछ पल के लिये लोगों के दिल में एक जज्बा पैदा हो गयी. मां ने सरहद पर शहीद हुए जिगर की टुकड़ा को देश का बेटा बताते हुए गम की घड़ी में भी लोगों के बीच एक देश की रक्षा के लिये एक संदेश दे दी.
शहीद के नाम पर पथ का नाम रखने की मांग
शहीद जवान के शव को देखने पहुंचे ग्रामीणों ने मौके पर उपस्थित डीएम रचना पाटिल से कुशहर जंदाहा मार्ग के पासवान चौक से मध्य विद्यालय चखाजे तक उनके याद में सड़क की निर्माण करा पथ का नाम शहीद राजीव राय रखने परिजन को सरकारी नौकरी दिलाने तथा मेन रोड मे स्टैचू बनाने की मांग की. मौके पर पंचायत के मुखिया विजय राय, संजीव राय, छोटेलाल राय, बलराम सिंह, नरेश राम, मो इरसाद, मो कलाम, गया प्रसाद यादव, भगत जी के साथ अन्य लोग मौजूद थे.
गार्ड ऑफ ऑनर देते सेना के जवान.
पुष्पांजलि अर्पित करते मंत्री आलोक मेहता. सैल्यूट करते एसपी राकेश कुमार.

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