हाजीपुर : बिहार राज्य शिक्षक महासंघ पटना के पेंशन योजना के भुगतान के लिए सुनवाई हुई. सुनवाई में न्यायमूर्ति ने याचिकाकर्ताओं के आइ.ए. ‘3100 इंटरवेनर’ को स्वीकार कर लिया. शिक्षकों के मामले को कोर्ट ने सही ठहराया. न्यायालय ने 2010 की नियमावली के 12वें भाग को एकल पीठ द्वारा तोड़ने में हाइकोर्ट के नियम का हवाला देते हुए असमर्थता प्रकट करते हुए डिवीजन बेंच को सौंपने का निर्णय लिया.
याचिकाकर्ताओं के वकील जे एस अत्री ने बिहार में शिक्षा और शिक्षकों की नियुक्ति के बारे में 1991 से अभी तक के हालात का पूरा विवरण दिया. जेएस अत्री और राकेश उपाध्याय ने बिहार में शिक्षा के बदहाली के कारण 1991 से नियमित शिक्षकों की नियुक्ति नहीं करना तथा शिक्षकों के प्रति सरकार की अनदेखी और गैर जिम्मेदाराना व्यवहार नहीं करना और शिक्षकों के प्रति सरकारों की अनदेखी और गैर जिम्मेदाराना व्यवहार बताया.
सुनवाई के समय संघ के महासचिव अखिलेश्वर सिंह, उपाध्यक्ष उदय शंकर, विनोद कुमार सिंह, जहांगीर आलम, वैशाली की जिलाध्यक्ष शैल कुमारी, कैमूर अध्यक्ष गोपाल सिंह, रोहतास अध्यक्ष शिवशंकर सिंह, संघ प्रवक्ता सुरेश चंद्र पांडेय, सरिता देवी, राकेश रोशन, विश्वनाथ पंडित, शेखपुरा अध्यक्ष भोला यादव, कॉपी अध्यक्ष राम वचन सिंह आदि उपस्थित थे.
