चेहराकलां. प्रखंड का बाल विकास परियोजना कार्यालय आंगनबाड़ी सेविकाओं से अवैध वसूली केंद्र के रूप में प्रचलित हो चुका है. नाम नहीं छापने की शर्त पर प्रखंड की कई आंगनबाड़ी सेविकाओं ने सामूहिक रूप से विभाग द्वारा किये जा रहे शोषण की दस्तां सुनायी. सेविकाओं के मुताबिक पोषाहार के अलावा अन्य योजनाओं की राशि आवंटन के लिए वसूली राशि निर्धारित है.
नियमानुसार नियमित कार्य करने वाली आंगनबाड़ी सेविकाओं को अवैध तरीके से विभागीय कार्रवाई का सामना करना पड़ता है. चयन मुक्त करने की धमकी देकर अवैध वसूली करने का हथकंडा अपनाये जाने की भी शिकायत सेविकाओं ने की.
भाजपा के अरविंद कुमार आजाद, आम आदमी पार्टी प्रखंड संयोजक कमलेश महतो सहित अन्य स्थानीय नेताओं ने बताया कि हर बार मामले की शिकायत चेहराकलां प्रखंड विकास पदाधिकारी, वैशाली जिलाधिकारी सहित अन्य विभागीय उच्चाधिकारियों से की जा चुकी है, परंतु संबंधित सेविकाओं को धमका कर शिकायत वापस करने को मजबूर कर दिया जाता है. पोषाहार सामग्री के मूल्य निर्धारण में भी बड़े पैमाने पर गड़बड़ी है. अधिकतर सामग्री की निर्धारित कीमत वास्तविक कीमत से काफी कम है.प्रखंड की आंगनबाड़ी सेविकाओं ने जिलाधिकारी से मामले में उचित कार्रवाई कर अवैध वसूली से निजात दिलाने की मांग की है.
