हाजीपर : सरकार द्वारा सरकारी अस्पतालों में इलाज के लिए आये मरीजों को हर तरह की सुविधा देने के लिए करोड़ों रुपये खर्च किये जा रहे हैं. वहीं दूसरी तरफ हाजीपुर सदर अस्पताल में आये मरीजों को डॉक्टर की लिखी दवा बाहर से खरीदनी पड़ रही है.
इसको लेकर मरीज के परिजनों ने सदर अस्पताल में हंगामा किया और इसकी शिकायत सिविल सर्जन से की. सदर थाने के फुलहार गांव निवासी प्रभुनाथ पासवान ने बताया कि मैं पत्नी तेतरी देवी को इलाज के लिए सदर अस्पताल लाया था, जहां इमरजेंसी वार्ड के डॉक्टर ने उसे देख कर जो दवा लिखी, वह दवा अस्पताल से नहीं मिली. पूछे जाने पर इमरजेंसी वार्ड के कर्मचारी ने बताया कि यह दवा यहां नहीं है, बाहर से लानी पड़ेगी. दूसरे दिन भी जो दवा डॉक्टरों ने लिखी, वह भी नहीं मिली, जिसे बाहर से लाना पड़ा. दो दिन में एक हजार से ऊपर की दवा बाहर से खरीदनी पड़ी बताते हैं कि इन दिनों सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में कुछ बिचौलिये जमे रहते हैं, जो डॉक्टरों से बाहर की दवा लिखवाने में लगे रहते है. इसके एवज में मोटी रकम उनके द्वारा डॉक्टरों को दी जाती है.
यही नहीं इमरजेंसी वार्ड में ड्यूटी कर रहे कर्मचारी भी डॉक्टर द्वारा लिखे पुरजे पर मरीज के परिजनों से बाहर से दवा खरीदवाते हैं. इससे उन्हें भी कुछ कमीशन मिल जाता है.
