मृतक के रोते-बिलखते परिजन. परिजनों पर टूटा दुखों का पहाड़

देसरी : थाना क्षेत्र के नयागांव पूर्वी निवासी रामराज सिंह फरक्का में सब डिवीजन में कार्यरत थे. अभी सेवानिवृत्त होकर घर पर आये थे कि 60 वर्ष की उम्र में कुछ आराम करेंगे पर उनके सामने दुःख का पहाड़ उस वक्त टूट पड़ा, जब उनके सबसे छोटे अविवाहित पुत्र शिवचंद्र कुमार जिसे वे अपनी मेहनत […]

देसरी : थाना क्षेत्र के नयागांव पूर्वी निवासी रामराज सिंह फरक्का में सब डिवीजन में कार्यरत थे. अभी सेवानिवृत्त होकर घर पर आये थे कि 60 वर्ष की उम्र में कुछ आराम करेंगे पर उनके सामने दुःख का पहाड़ उस वक्त टूट पड़ा, जब उनके सबसे छोटे अविवाहित पुत्र शिवचंद्र कुमार जिसे वे अपनी मेहनत की कमाई से उसे हुगली में ही सिविल इंजीनियर की पढ़ाई करवा रहे थे कि बुढ़ापे में वह नौकरी कर उन्हें एवं परिवार को देखेगा.

उसकी पढ़ाई मात्र छह माह ही बच गयी थी. पटना से घर आने में गांधी सेतु पर काल के गाल में समां गया. उसके बाइक को पीछे से एक बस ने ठोकर मार दी, जिससे उसकी मौत हो गयी. वह किसी काम से मंगलवार को पटना गया था और बुधवार को लौटने में यह घटना घट गयी. रामराज सिंह के बड़े पुत्र सहदेव सिंह ड्राइवर का कार्य करते हैं, तो दूसरे पुत्र हुगली में ही मेकेनिक का कार्य करते हैं. एक शिवचंद्र ही था, जो पढ़ाई के बाद परिवारवालों के लिए कुछ कर सकता था,
पर वह अब इस दुनिया में नही रहा. घर की माली हालत ठीक नहीं है. उसकी दुर्घटना में हुई मौत की खबर सुन कर ग्रामीण उसके घर की और दौड़ पड़े. परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल हो गया है. मुखिया अनंत कुमार मृतक के घर पहुंच कर ढाढ़स बंधाया और पारिवारिक लाभ योजना से 20 हजार एवं कबीर अंत्येष्टि योजना के तहत तीन हजार रुपया दिये.

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