गोरौल : प्रखंड क्षेत्र में गैरलाइसेंसी दुकानदारों की भरमार हो गयी है. खाद को कौन कहे कीटनाशक दवा भी बिना लाइसेंस के ही बेचते हैं. इतना ही नहीं दुकानदारों द्वारा लाखों रुपये की बिक्री करने के बाद भी सरकार को प्रत्यक्ष कर न देकर राजस्व का भी घपला किया जा रहा है.
इससे संबंधित अधिकारी सब कुछ जानते हुए भी अंजान बने हुए हैं.
क्षेत्र के विभिन्न चौकों पर खुले खाद-बीज के दुकानदारों द्वारा खाद-बीज के अलावे कीटनाशक दवा, जो एक्सपायरी है उसे भी धड़ल्ले से किसानों को दी जा रही है. कई खाद-बीज के पैकेट पर मूल्य अंकित नहीं रहने के कारण दुकानदारों द्वारा किसानों से ज्यादा मूल्य वसूला जाता है. कई किसानों ने बताया कि खाद -बीज खरीदने पर दुकानदारों द्वारा पक्का बिल नहीं दिया जाता है. सरसों व तंबाकू की फसल लगाने के लिए किसानों ने खेतों की तैयारी शुरू कर दी है,
लेकिन उन्हें सही खाद व बीज मिलेगा. इसकी कोई गारंटी नहीं है. दूसरी ओर डीजल अनुदान का लाभ आज भी सही किसानों को नहीं मिल रहा है. इसका भी फायदा वही ले रहे हैं, जिन्हें खेती-बारी से कुछ लेना- देना नहीं है. इस हेराफेरी के काम में बिचौलिये हावी हैं.
क्षेत्र के किसानों ने डीजल अनुदान में की गयी हेराफेरी की जांच कराने की मांग जिलाधिकारी से की है.
