गोरौल : राज्य सभा सदस्य डॉक्टर अनिल सहनी ने कहा की नियत एवं नीति जिसकी ठीक नहीं होगी वह नेतृत्व करने का अधिकारी नहीं क्योंकि आज हमारे पिछड़ी जाति के प्रधान मंत्री के कंधे पर 15 प्रतिशत के लोग बंदूक चला रहे हैं. यह बातें शनिवार को गोरौल प्रखंड स्थित किसान भवन में आयोजित सामाजिक संगठन मुक्ति आनन्द के तत्वाधान में एक दिवसीय जिला स्तरीय अति पिछड़ा, पिछड़ा सम्मेलन का उद्घाटन करने के बाद कही.
सहनी ने कहा कि लोहिया जी भी कहते थे की तुम जो प्रतिनिधि चुनते हो उसके कार्यकलाप एवं क्रिया कलाप को देखो. वह सामाजिक न्याय की बात करता है कि नहीं, लेकिन आज ये सब कौन करता है. लालू जी, नीतीश जी अति पिछड़ा के 12 जातियों को अनुसूचित जातियों में जोड़ने के लिये केंद्र सरकार को अनुशंसा कर भेजा लेकिन वहां से लौटा दिया गया
क्योंकि केंद्र सरकार के मुखिया सामन्तवादियों से घिरे हुये हैं. विधान पार्षद सह उप सचेतक सुबोध राय ने अपने सम्बोधन में कहा की दो राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं लालू प्रसाद एवं नीतीश कुमार जैसे महापुरुष जो पिछड़ा अतिपिछड़ा के लोगों को आगे बढ़ाने का काम किया है बस केवल एकता बनाये रखने की जरूरत है.
