हाजीपुर : बाढ़ की विभीषिका के बीच जिले के राघोपुर प्रखंड में लगभग 80 गर्भवती महिलाओं का संस्थागत एवं सुरक्षित प्रसव कराया गया. बाढ़ के दौरान प्रखंड क्षेत्र में 74 गर्भवती महिलाओं को चिह्नित किया गया था, जिनके संभावित प्रसव की तिथि एक सप्ताह के अंदर थी. इनमें 70 महिलाओं का सुरक्षित प्रसव जिला स्वास्थ्य समिति की टीम ने सुनिश्चित कराया. इसमें एनडीआरएफ की मदद ली गयी. बाढ़ में फंसी इन महिलाओं को संस्थागत प्रसव के लिए विभिन्न अस्पतालों एवं स्वास्थ्य केंद्रों में लाया गया.
जिला स्वास्थ्य समिति के डीपीएस मणिभूषण झा, डब्ल्यूएचओ के एसएमओ दीपांजन रे, डीडीए सुचित कुमार, आशा, प्रदीप कुमार आदि ने गर्भवती महिलाओं को स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभायी. एनडीआरएफ के सहयोग से महिलाओं को प्रसव के लिए मोहनपुर रेफरल अस्पताल, राघोपुर पीएचसी, पटना जिले के संभलपुर पीएचसी, बख्तियारपुर, गुरु गोविंद सिंह हॉस्पिटल एवं एनएमसीएच में लाया गया.
गंगा की गोद में सात बच्चों ने लिया जन्म : बाढ़ के दौरान सात बच्चों ने नाव पर जन्म लिया. जबकि एक बच्चे का जन्म दीदारगंज स्थित राहत शिविर में हुआ. प्रसव के लिए अस्पताल ले जाने के दौरान जिन महिलाओं का नाव पर प्रसव हुआ, उनमें मल्लिकपुर गांव की जागती देवी, प्रियंका देवी, रुस्तमपुर की पिंकी देवी, सोना देवी, रामपुर श्यामचंद्र की विभा देवी, चंद्रपुरा की रेखा देवी एवं जफराबाद डीह की धर्मशीला देवी शामिल हैं. हिम्मतपुर चौरसिया की अनिता देवी का प्रसव शिविर में हुआ.
नाव पर एवं शिविर में जन्म लेने बच्चों के परिजनों को जिला प्रशासन द्वारा आर्थिक सहायता उपलब्ध करायी गयी. सरकार के निर्देश पर लड़के के जन्म पर 10 हजार रुपये तथा लड़की के जन्म पर 15 हजार रुपये की राशि दी गयी.
