महनार का दियारा रहा है अपराध से पुराना रिश्ता

कृत्यानंद, महनार : महनार के दियारा क्षेत्र का अपराधी और आपराधिक घटनाओं से पुराना रिश्ता रहा है. बीते दिन बहलोलपुर दियारा में पुलिस मुठभेड़ में तीन अपराधियों के ढेर होने, तीन की गिरफ्तारी व दो एके 47 की बरामदगी की घटना ने महनार वासियों के जेहन में डेढ़ दशक पूर्व अपराधियों के तांडव की याद […]

कृत्यानंद, महनार : महनार के दियारा क्षेत्र का अपराधी और आपराधिक घटनाओं से पुराना रिश्ता रहा है. बीते दिन बहलोलपुर दियारा में पुलिस मुठभेड़ में तीन अपराधियों के ढेर होने, तीन की गिरफ्तारी व दो एके 47 की बरामदगी की घटना ने महनार वासियों के जेहन में डेढ़ दशक पूर्व अपराधियों के तांडव की याद को ताजा कर दिया है.
वहीं अपराधियों का पनाहगार दियारा क्षेत्र ही हमेशा बनाये जाने की भी बात लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुयी है. पुलिस अब भी बीते दिन की घटना की जांच में सख्ती से जुटी है.
वहीं दूसरी तरफ आम लोगों में चर्चा है कि दियारा क्षेत्र में शिक्षा की कमी, गरीबी का फायदा अपराधी आसानी से उठाकर दियारावासियों का विश्वास जितने में हमेशा से सफल रहे हैं. यह भी माना जाता है कि भौगोलिक दृष्टि व यातायात की व्यवस्था नहीं होने का भी अपराधियों को लाभ मिलता है.
डेढ़ दशक पूर्व महनार में अपराधियों के डर से शाम ढलते ही दुकानें बंद हो जाती थीं. लोग घर से भी नहीं निकलते थे, हर वक्त उन्हें इस बात का डर लगा रहता था कि पता नहीं कब और किधर से अपराधी आ जायेंगे और गोली मार देंगे या अपहरण कर लेंगे.
डर होना भी वाजिब था क्योंकि उस समय अपराधियो द्वारा दर्जनों हत्या व कई अपहरण की घटना को अंजाम जो दिया जा चुका था. अपराधियों के डर से महनार के कई बड़े व्यवसायी अपना व्यवसाय बंद कर महनार से पलायन कर गये थे जो अब तक वापस नहीं लौटे.
अपराधियों के शिकार हुए थे दर्जनों लोग
उस वक्त अपराधियों के आतंक की वजह से कई लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी. महनार मुख्तियारपुर के प्रह्लाद सिंह, देशराजपुर के रामपुकार सिंह, लावापुर पचरुखि के चंद्रशेखर राय, इशहाकपुर के शंकर सिंह, स्टेशन रोड के नेपल सिंह, देशराजपुर के शंभु सिंह आदि की अपराधियों ने हत्या कर दी थी. महनार में वह ऐसा वक्त था जब अपहरण ने उद्योग का रूप ले लिया था.
उस समय तीन व्यवसायी व एक किसान के अपहरण की घटना को अपराधियों ने अंजाम दिया था. अपहरण के शिकार हुए किसान महनार न्यू रोड निवासी परमेश्वर सिंह ने बताया की अपराधियों ने उन्हें खेत मे बने डेरा से रात्रि में उठा लिया था और दियारा में ले जाकर काफी यातनाएं दी थी.
उन्हें जंगल के बोझे के बीच रखा जाता था, वे आसपास किसानों को व अन्य लोगों को देखते थे किंतु डर से कुछ बोल नहीं पाते थे, एक दिन किसी तरह वे भागने में सफल हुए थे. आज भी 75 वर्षीय परमेश्वर सिंह की आंखों में डर की झलक देखने को मिलती है. इनके बाद अपराधियों ने व्यवसायी विश्वनाथ शर्मा, रामचंद्र चौधरी, महेंद्र साह आदि का भी अपहरण किया था.

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