गोरौल में गंडक नहर का बांध टूटा, खेतों में लगी फसल को नुकसान, मरम्मत में जुटा विभाग

गोरौल : प्रखंड के महमदपुर पोझा पंचायत अंतर्गत मधुरापुर गांव के पास गंडक नहर का बांध टूट जाने से सैकड़ों एकड़ जमीन में पानी फैल गया है. इस पानी से किसानों को फायदा ज्यादा और नुकसान कम हुआ है. अब नहर में पानी का बहाव भी काफी कम हो गया है, इससे नहर में पानी […]

गोरौल : प्रखंड के महमदपुर पोझा पंचायत अंतर्गत मधुरापुर गांव के पास गंडक नहर का बांध टूट जाने से सैकड़ों एकड़ जमीन में पानी फैल गया है. इस पानी से किसानों को फायदा ज्यादा और नुकसान कम हुआ है. अब नहर में पानी का बहाव भी काफी कम हो गया है, इससे नहर में पानी काफी कम दिख रहा है. किसान राम आनंदी सिंह, गणेश सिंह, राम नाथ सिंह, शोभा देवी, नंदू सिंह, अशोक सिंह सहित दर्जनों किसानों ने बताया कि खेत में लगी धान की फसल बर्बाद हो गयी है.

वहीं दालान में रखा तंबाकू भी भींग गया है. हालांकि सभी लोगों ने बताया कि इस पानी से किसी भी तरह के जान माल की क्षति नहीं हुई है. वहीं बांध की मरम्मत कर रहे जल संसाधन विभाग के कर्मियों ने बताया कि इस पानी से किसानों को किसी भी तरह का नुकसान नहीं हुआ है. यह नहर है कोई नदी नहीं है कि इसके पानी के बहाव से फसल या घर नष्ट हो जायेगा. इस नहर में समय समय पर सीमित पानी ही छोड़ा जाता है. वो भी किसानों को पटवन करने के लिए जगह-जगह चैनल बनाया गया है. इससे किसान जितनी जरूरत हो उतनी ही पानी चैनल में माध्यम से अपने खेतों में गिरा सकते हैं. जब पानी की जरूरत नहीं रहती है तो यह सूखा रहता है.

इससे पूर्व भी बीते 13 जुलाई को भी इसी गांव में नहर का बांध टूट गया था. लगातार इसी गांव में नहर टूटने से विभाग के अधिकारी को शंका उत्पन्न हो गयी है. उन्हें लगता है कि इस बांध को जान बूझकर तोड़ दिया जा रहा है. हालांकि जेसीबी की मदद से बांध की मरम्मत की जा रही है. राजकीय मध्य विद्यालय मधुरापुर व इसमें टैग नवसृजित प्राथमिक विद्यालय रसूलपुर हुसैन के एचएम किरण कुमारी व मीना कुमारी ने बताया कि सुबह में स्कूल प्रांगण में थोड़ा पानी लग गया था़ इस कारण बच्चों को केवल आज भर की छुट्टी दे दी गयी है. इसके अलावे विद्यालय को किसी भी तरह की कोई क्षति नहीं हुई है. वहीं इसी कैंपस में स्थापित उच्च विद्यालय में छात्र-छात्राएं परीक्षा भी दे रहे थे. स्कूल के कैंपस में थोड़ा पानी लगा था, जो धीरे धीरे निकल भी रहा था. इक्का दुक्का धान की खेतों को छोड़ दे, तो लगभग धान के पौधे अलग से ही झलक रहे थे.

जल संसाधन विभाग के सहायक अभियंता अशोक कुमार यादव ने बताया कि गांव के लोगों के द्वारा धान सहित अन्य फसलों में पटवन के लिए नहर के बांध को क्षतिग्रस्त कर दिया गया है. जब इसमें पानी छोड़ा जाता है, तो लगातार देखरेख भी की जाती है. बीती रात भी हमारे कार्यपालक अभियंता ने यहां पहुंचकर निरीक्षण किया था. शुक्रवार की सुबह भी हमारे कर्मचारियों ने निरीक्षण किया था, तब कुछ नहीं था. उसके बाद इतनी मोटी बांध कैसे टूट जायेगा. वर्षा नहीं होने के कारण इस बांध को क्षतिग्रस्त किया गया है. जब खेतों में पानी पट गया, तो हल्ला मचाने लगे. इसे मरम्मत करने में विभाग को काफी खर्च लगेगा.

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