विरोध. जिले के सभी डाकघरों में लटके रहे ताले
हड़ताल
हाजीपुर : डाक विभाग के कर्मचारियों की हड़ताल के कारण बुधवार को जिले में प्रधान डाकघर समेत सभी डाकघरों में ताले लटके रहे. डाक घरों में कोई काम नहीं हो सका. स्पीड पोस्ट, रजिस्ट्री, पार्सल, जमा एवं निकासी के अलावा अन्य कार्य बंद रहने के कारण लोगों को परेशानी उठानी पड़ी. एनएफपीइ के आह्वान पर एक दिवसीय हड़ताल में डाक विभाग के सभी वर्ग के कर्मचारियों ने हिस्सा लिया.
अखिल भारतीय डाक कर्मचारी संघ, ग्रुप सी, डाकिया एवं एमटीएस के संयुक्त तत्वावधान में हड़ताली डाककर्मियों ने धरना प्रदर्शन किया. पिछले सात दिनों से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चल रहे ग्रामीण डाक सेवकों की मांगों का पुरजोर समर्थन करते हुए संघ के नेताओं ने उनके प्रति एकजुटता दिखलायी. शहर के राजेंद्र चौक स्थित प्रधान डाकघर परिसर में धरना पर बैठे डाककर्मियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. संघ के अध्यक्ष संजीव कुमार सिंह की अध्यक्षता में सभा की गयी.
संघ के सचिव राघवेंद्र कुमार, रामनाथ पांडेय, विवेकानंद शर्मा, दुर्गेश कुमार सिंह, राम नरेश राय, ब्रजेंद्र बहादुर सिंह, अखिलेश कुमार सिंह, संजय पंडित, राजवल्लभ गुप्ता, अशोक कुमार मालाकार आदि ने सभा को संबोधित किया. वक्ताओं ने केंद्र सरकार पर डाक कर्मियों के हितों से खिलवाड़ करने का आरोप लगाया. ग्रामीण डाक सेवक संघ के सचिव मणिकान्त सिंह ने ग्रामीण डाक सेवकों की समस्याओं पर प्रकाश डाला.
डाक कर्मचारियों की मांगें : डाक कर्मचारियों की दस सूत्री मांगों में डाक घरों में सभी खाली पदों पर बहाली करने, ग्रामीण डाक सेवकों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने एवं सातवें वेतन आयोग की रिपोर्ट लागू करने, जीडीएस के सदस्यता सत्यापन को नियमित करने तथा उसका रिजल्ट जारी करने, नयी स्कीम तथा कम्प्यूटराइजेशन के नाम पर ट्रेड यूनियन उत्पीड़न बंद करने, पार्ट टाइम व कैजुअल लेबर को समान वेतन तथा भत्ता देते हुए सातवें वेतन का लाभ देने, आइटसोर्सिंग एवं निजीकरण की प्रक्रिया बंद करने, नयी पेंशन नीति को पूर्णत: समाप्त करने, ऑपरेटिंग ऑफिस में प्रति सप्ताह पांच कार्य दिवस लागू करने, पोस्टल पेंशनरों को सीजीएचएस की सुविधा बहाल करने आदि मांगों शामिल हैं.
