Bihar Teacher Transfer Posting: बिहार के शिक्षकों के लिए जरूरी खबर है. उनके ट्रांसफर के लिए बनी नई ट्रांसफर पॉलिसी के तहत आवेदन लिए जाने के लिए बुधवार को पोर्टल खोल दिया जाएगा. ऐसे में शिक्षक ट्रांसफर के लिए आवेदन कर सकेंगे. आवेदन की अंतिम तारीख पांच अगस्त निर्धारित की गई है.
इस तरह तीन चरणों में होगा ट्रांसफर
ट्रांसफर प्रक्रिया तीन चरणों में संपन्न होगी. पहले चरण में समायोजन (रैशनलाइजेशन) और समानुपातीकरण (छात्र-शिक्षक अनुपात) की प्रक्रिया पूरी की जायेगी. इसके बाद पारस्परिक (म्यूचुअल) ट्रांसफर होगा, जबकि अंतिम चरण में सामान्य ट्रांसफर किया जायेगा. जानकारी के मुताबिक, 7 से 9 सितंबर के बीच जिला एवं प्रमंडल स्तर की स्थापना समितियां समायोजन और समानुपातीकरण की लिस्ट जारी करेंगी और आपत्तियों का निपटारा करेंगी.
इसके बाद 10 से 14 सितंबर तक पारस्परिक ट्रांसफर होगा. इसके बाद रिक्तियों का संशोधित डिटेल जारी होगा और 17 से 23 सितंबर तक सामान्य ट्रांसफर के लिए विद्यालयों का विकल्प लिया जायेगा. 24 सितंबर से 31 अक्टूबर के बीच सामान्य ट्रांसफर की लिस्ट जारी कर पूरी प्रक्रिया पूरी होगी.
टीआरई-3 शिक्षकों को कैसे मिलेगा फायदा?
शिक्षा विभाग ने टीआरई-3 के तहत नियुक्त शिक्षकों को राहत दी है. उनके प्रोबेशन पीरियड में भी ट्रांसफर की अनुमति दे दी है. अब प्रोबेशन पर कार्यरत शिक्षक, प्रधानाध्यापक और प्रधान शिक्षक भी विभाग के पोर्टल पर ऑनलाइन अप्लाई कर सकेंगे.
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी के निर्देश पर शिक्षा विभाग ने मंगलवार को बिहार राज्य शिक्षक स्थानांतरण नियमावली, 2026 में संशोधन संबंधी अधिसूचना जारी की. इस फैसले के साथ टीआरई-3 के शिक्षक भी सामान्य शिक्षकों की तरह ट्रांसफर के लिए आवेदन करने के पात्र हो गए हैं.
पहले सरकार का क्या था फैसला?
जानकारी के मुताबिक, ट्रांसफर नियमावली जो 21 जुलाई को जारी की गई थी, उसमें स्पष्ट किया गया था कि प्रोबेशन पीरियड में काम कर रहे शिक्षक ट्रांसफर के लिए पोर्टल पर अप्लाई नहीं कर सकेंगे. साथ ही जिनका पहले ट्रांसफर हो चुका है, उन्हें सामान्य ट्रांसफर का भी मौका नहीं मिलेगा. लेकिन पोर्टल खुलने के कुछ घंटे पहले ही टीआरई-3 शिक्षकों को राहत दी गई और ट्रांसफर के लिए अप्लाई करने की अनुमति दी गई.
इस वजह से लिया गया फैसला
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी की माने तो, राज्य सरकार शिक्षकों के हितों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है. शिक्षा मंत्री ने कहा कि शिक्षकों से मिले सुझावों और व्यावहारिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है. सरकार का उद्देश्य ट्रांसफर प्रक्रिया को अधिक न्यायसंगत, पारदर्शी और शिक्षक हितैषी बनाना है, ताकि किसी भी शिक्षक को अनावश्यक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े.
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