बिहार के सरकारी स्कूलों में बदली समय-सारणी, शिक्षकों की हाजिरी पर भी सख्ती... जानिए नए नियम

बिहार के सरकारी स्कूलों में अब सिर्फ पढ़ाना ही नहीं, समय पर स्कूल पहुंचना भी जरूरी है. नई टाइमिंग और ऑनलाइन हाजिरी के साथ लापरवाही पर वेतन कटौती की व्यवस्था लागू की गई है.

बिहार के सरकारी स्कूलों में पढ़ाई और शिक्षकों की उपस्थिति को लेकर शिक्षा विभाग ने हाल में कई अहम बदलाव किए हैं. नई समय-सारणी के साथ अब शनिवार को स्कूलों में हाफ डे रहेगा. वहीं शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति को वेतन से जोड़ने और देर से आने या समय से पहले स्कूल छोड़ने पर वेतन कटौती की व्यवस्था भी लागू की गई है.

सोमवार से शुक्रवार 9:30 से 4 बजे तक स्कूल

6 अगस्त 2026 को जारी निर्देश के अनुसार बिहार के सरकारी और मान्यता प्राप्त स्कूलों में सोमवार से शुक्रवार तक विद्यालय सुबह 9:30 बजे से शाम 4 बजे तक संचालित होंगे. शनिवार को स्कूल सुबह 9:30 बजे से दोपहर 1 बजे तक चलेंगे. यानी शनिवार को आधे दिन की व्यवस्था लागू की गई है.

नई व्यवस्था का उद्देश्य स्कूलों के संचालन को अधिक व्यवस्थित करना और शिक्षकों तथा विद्यार्थियों के लिए साप्ताहिक कार्य-व्यवस्था को संतुलित करना बताया गया है.

गौरतलब है कि गर्मी के दौरान समय-सारणी में अलग बदलाव किया गया था. अप्रैल में बढ़ती गर्मी को देखते हुए स्कूलों का संचालन सुबह 6:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक किया गया था. बाद में गर्मी की छुट्टियों के बाद 1 जुलाई से सामान्य समय-सारणी बहाल करते हुए स्कूलों को सुबह 9:30 से शाम 4 बजे तक चलाने का निर्देश दिया गया.

अब हाजिरी का असर सीधे वेतन पर

शिक्षा विभाग ने शिक्षकों की उपस्थिति को लेकर भी सख्त व्यवस्था लागू की है. सरकारी शिक्षकों की दैनिक ऑनलाइन उपस्थिति ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर दर्ज की जा रही है और अब वेतन प्रक्रिया को इसी उपस्थिति से जोड़ने की व्यवस्था की गई है.

नए नियम के अनुसार यदि कोई शिक्षक तीन बार देर से स्कूल पहुंचता है या निर्धारित समय से पहले स्कूल छोड़ता है, तो एक दिन के वेतन की कटौती की जा सकती है. इसका उद्देश्य शिक्षकों की समय की पाबंदी और स्कूल में नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करना है.

सिर्फ हाजिरी नहीं, उसकी जांच भी

शिक्षा विभाग पहले भी ई-शिक्षाकोष पर फर्जी या गलत तरीके से उपस्थिति दर्ज कराने के मामलों को लेकर कार्रवाई की चेतावनी दे चुका है. पटना में विभाग ने ऐसे शिक्षकों की पहचान करने का निर्देश दिया था जो ऑनलाइन उपस्थिति के लिए पुरानी तस्वीरों का इस्तेमाल कर रहे थे. ऐसे मामलों में निलंबन तक की कार्रवाई की बात सामने आई थी.

इससे साफ है कि विभाग अब केवल यह देखने तक सीमित नहीं रहना चाहता कि शिक्षक ने ऑनलाइन हाजिरी लगाई या नहीं, बल्कि वास्तविक उपस्थिति और समय पालन पर भी निगरानी बढ़ाई जा रही है.

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असली परीक्षा कक्षा के अंदर

हालांकि, समय-सारणी और उपस्थिति में सख्ती शिक्षा व्यवस्था सुधारने का केवल एक हिस्सा है. इसका वास्तविक असर तभी दिखाई देगा, जब बढ़ी हुई उपस्थिति का फायदा विद्यार्थियों की पढ़ाई और सीखने के स्तर में दिखे.

सरकारी स्कूलों में शिक्षक समय पर पहुंचें, पूरी अवधि तक स्कूल में रहें और निर्धारित समय में प्रभावी तरीके से पढ़ाएं- नई व्यवस्था की सफलता का असली पैमाना यही होगा.

क्योंकि सवाल सिर्फ यह नहीं है कि बिहार के स्कूल में शिक्षक कितने बजे पहुंचे. बड़ा सवाल यह है कि स्कूल खत्म होने तक बच्चों ने कितना सीखा.


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लेखक के बारे में

By अचल प्रियदर्शी

अचल प्रियदर्शी (Achal Priyadarshy) अंतरराष्ट्रीय संबंधों, इंडिक एवं इंडीजीनस अध्ययन के जानकार, शिक्षाविद् और 33 पुस्तकों के लेखक हैं.

उन्होंने केंद्रीय मंत्री के राजनीतिक सहायक के तौर पर काम किया है, तथा ट्राइबल रिसर्च इंस्टीट्यूट (TRI)- रांची और झारखंड सरकार के वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग (DoFECC) के साथ भी कार्य किया है.

उन्होंने सैकड़ों UPSC अभ्यर्थियों का मार्गदर्शन किया है, और अंतरराष्ट्रीय संबंधों व समसामयिक विषयों पर उनके विश्लेषणात्मक लेख नियमित रूप से UPSC-केंद्रित पत्रिकाओं में प्रकाशित होते रहे हैं.

साहित्य और जनजातीय इतिहास में उनके योगदान को मान्यता देते हुए उन्हें वर्ष 2025 में आयोजित जमशेदपुर लिटरेचर फेस्टिवल के उद्घाटन संस्करण में उनकी पुस्तक Tribal Bravehearts के लिए शब्द-शिल्पी सम्मान से सम्मानित किया गया. शैक्षणिक रूप से, उन्होंने हार्वर्ड डिविनिटी स्कूल से Religion, Peace and Conflict विषय में अध्ययन किया है.

ये उनकी कुछ लोकप्रिय किताबें हैं;

  1. Pakistan State, Armed Influenconomy (प्रभात प्रकाशन) (2026)

  2. Winning Bengal: Inside West Bengal’s Electoral War of 2026 (प्रभात प्रकाशन) (2026)

  3. बिहार जनादेश 2025 (प्रभात प्रकाशन) (2026)

  4. International Relations: UPSC & State Civil Services Examinations (Oakbridge Publishing) (2026)

  5. ब्रांड हेमंत (स्वतंत्र प्रकाशन) (2025)

  6. झारखण्ड की जनजाति समाज और समय का संकट (प्रकाशन संसथान) (2026)

  7. जनजातीय शूरवीर (प्रभात प्रकाशन) (2026)

  8. Know Your State: Jharkhand (अरिहंत प्रकाशन) (2025)

  9. उत्तर प्रदेश सामान्य ज्ञान (क्राउन पुब्लिकेशन्स) (2024)

  10. बिहार सामान्य ज्ञान (उपकार प्रकाशन) (2024)

  11. International Relations for UPSC Mains (Pratiyogita Darpan) (2024)

  12. Internal Security & Disaster Management for UPSC Mains (Pratiyogita Darpan) (2024)

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