पटना: बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग व्यवस्था धीरे-धीरे आउटसोर्सिंग मोड में चली गयी है. बिहार में बैंकों की शाखाओं से पांच गुना ग्राहक सेवा केंद्र (सीएसपी) है. राज्य सरकार हर राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों में बैंक की शाखा खोलने के लिए कहती है और बैंक सीएसपी का हवाला देकर हर गांव में बैंक पहुंच जाने की बात करता है.
सीएसपी संचालक द्वारा गड़बड़ी किये जाने की शिकायतें भी बैंकों को मिलती रहती हैं. अब तो भारतीय रिजर्व बैंक ने भी कोर बैंकिंग गतिविधि में आउटसोर्सिंग को लेकर सचेत किया है.रिजर्व बैंक के कार्यकारी निदेशक अजय कुमार चौधरी ने चेतावनी दी कि बैंक की मुख्य गतिविधियों की अत्यधिक आउटसोर्सिंग से संकेंद्रण जोखिम पैदा होगा. उन्होंने बैंकों को अपनी मुख्य गतिविधियों को आउटसोर्स नहीं करने का सलाह दी है, जबकि बैंकिंग और वित्त क्षेत्र में सेवाओं की आउटसोर्सिंग में वृद्धि हो रही है.
सीएसपी के माध्यम से कोर बैंकिंग हो रही
आमतौर पर आउटसोर्स की गयी वित्तीय सेवाओं में एप्लिकेशन प्रोसेसिंग (ऋण उत्पत्ति, क्रेडिट कार्ड), दस्तावेज प्रसंस्करण, विपणन और अनुसंधान, ऋणों का पर्यवेक्षण,डेटा प्रोसेसिंग और बैक ऑफिस संबंधी गतिविधियां आदि शामिल हैं.बैंकों में बैंकमित्र की बहाली आउटसोर्सिंग द्वारा की जाती रही है , जो सीएसपी और ग्राहक सेवा केंद्र के माध्यम से बैंको की जमा, निकासी व ऋण संबंधित कोर बैंकिंग कार्य करते हैं.
आने वाले समय में आएगी कई तरह की समस्याएं
बैंक ऑफिसर्स ऐसोसिएशन के संयुक्त सचिव डीएन त्रिवेदी ने बताया कि बैंक यूनियन्स आउटसोर्सिंग का लगातार विरोध करते रहे हैं. कोर बैंकिंग आउटसोर्स होने से आने वाले समय में कई तरह समस्याएं होंगी.
बिहार में बैंकों की कुल शाखाएं और सीएसपी
-
कुल शाखाएं – 7721
-
कुल सीएसपी- 40534
