छात्र आंदोलन के दौरान हुए कथित लाठीचार्ज और छात्रों पर दर्ज मुकदमों के विरोध में गुरुवार देर शाम सुपौल की सड़कों पर युवा कांग्रेस का गुस्सा फूटा. युवा कांग्रेस के बिहार प्रदेश सचिव लक्ष्मण कुमार झा के नेतृत्व में बड़ी संख्या में युवाओं, छात्रों और समर्थकों ने सुपौल शहर में एक विशाल कैंडल मार्च निकाला. यह मार्च शहर के प्रमुख अंबेडकर चौक से शुरू होकर महावीर चौक तक शांतिपूर्ण ढंग से निकाला गया.
केंद्र सरकार और गृह मंत्रालय पर साधा निशाना
कैंडल मार्च के समापन पर महावीर चौक पर जनसभा को संबोधित करते हुए युवा कांग्रेस के प्रदेश सचिव लक्ष्मण कुमार झा ने केंद्र सरकार की नीतियों और पुलिसिया कार्रवाई पर तीखा हमला बोला:
लक्ष्मण कुमार झा का बयान: "हक की आवाज उठा रहे निहत्थे छात्रों पर बर्बरतापूर्ण लाठीचार्ज करना और उन पर फर्जी मुकदमे लादना पूरी तरह तानाशाही रवैया है, जो हमारे लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है. संसद से लेकर सड़क तक विपक्ष के सर्वप्रिय नेता राहुल गांधी के साथ भी केंद्र सरकार का व्यवहार अनुचित रहा है, जिसकी सीधी जवाबदेही केंद्र सरकार और गृह मंत्रालय की है."
युवा कांग्रेस की प्रमुख मांगें
कैंडल मार्च के माध्यम से प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के समक्ष प्रमुख मांगें रखीं:
- शिक्षा मंत्री का इस्तीफा: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तत्काल उनके पद से बर्खास्त किया जाए.
- मुकदमे हों वापस: आंदोलनकारी छात्रों पर दर्ज सभी कथित फर्जी मुकदमों को बिना शर्त वापस लिया जाए.
- सार्वजनिक माफी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के छात्रों, युवाओं और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से सार्वजनिक रूप से माफी मांगें.
लक्ष्मण झा ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि छात्रों और युवाओं की आवाज को दबाने व दमन करने का प्रयास जारी रहा, तो इस आंदोलन को पूरे राज्य व देश भर में और उग्र रूप दिया जाएगा.
नारों से गूंजा शहर, बड़ी संख्या में शामिल हुए युवा
कैंडल मार्च के दौरान हाथों में मोमबत्तियां लिए युवाओं ने लोकतंत्र की रक्षा, बेहतर शिक्षा व्यवस्था और छात्र अधिकारों के समर्थन में जमकर नारे लगाए.
इस विरोध प्रदर्शन और कैंडल मार्च में मुख्य रूप से रितु रंजन, रंजीत कुमार यादव, मो. तौसीफ, उज्ज्वल कुमार, दिवाकर कुमार, रोशन कुमार, संतोष कुमार, शिव ठाकुर, राजन कुमार समेत दर्जनों की संख्या में छात्र, युवा और कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे.
