वीर लोरिक महोत्सव : बिहार के पहलवानों ने खूब दिखाया दांव पेंच, लोगों का कराया भरपुर मनोरंजन

कुश्ती प्रतियोगिता देखने के लिए महिला व पुरुषों की भीड़ उमड़ पड़ी.

– वीर लोरिक महोत्सव के अंतिम दिन प्रथम सत्र में दंगल का हुआ आयोजन – दंगल में बिहार, राजस्थान, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश सहित अन्य प्रदेशो के पहलवान ने दिखाया दमखम सुपौल कला संस्कृति एवं युवा विभाग व जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में सदर प्रखंड के हरदी दुर्गा स्थान में आयोजित तीन दिवसीय वीर लोरिक महोत्सव के अंतिम दिन गुरूवार को पहले सत्र में दंगल (कुश्ती) का आयोजन किया गया. दंगल (कुश्ती) का शुभारंभ पिपरा विधायक रामविलास कामत, पूर्व विधायक यदुवंश कुमार यादव, अनुमंडल पदाधिकारी इंद्रवीर कुमार, प्रमुख प्रतिनिधि जितेन्द्र कुमार सिंटू सहित अन्य अधिकारी व समाजसेवी ने पहलवानों से परिचय प्राप्त कर किया. दंगल (कुश्ती) प्रतियोगता में बिहार, राजस्थान, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, नेपाल के पहलवानों ने हिस्सा लिया. दंगल (कुश्ती) प्रतियोगता में सभी पहलवानों ने अखाड़े में अपना अपना दमखम दिखाया. कुश्ती प्रतियोगिता देखने के लिए महिला व पुरुषों की भीड़ उमड़ पड़ी. पहलवानों के हौसला आफजाई को लेकर दर्शक तालियां बजाते रहे. जीतने वाले खिलाड़ियों को अधिकारियों एवं दर्शकों के द्वारा इनामी राशि देकर सम्मानित किया गया. बिहार के बाबा प्रिंस दास ने दर्शकों का जीता दिल वीर लोरिक महोत्सव के अंतिम दिन गुरुवार को पहले सत्र में कुश्ती मुकाबलों ने दर्शकों का रोमांच चरम पर पहुंचा दिया. देश के विभिन्न राज्यों से आए नामी पहलवानों ने अपनी दमखम और दांव-पेंच का बेहतरीन प्रदर्शन किया. मुकाबलों की श्रृंखला की शुरुआत राजस्थान के पहलवान विनोद और कानपुर के गोलू के बीच हुए रोमांचक मुकाबले से हुई. इस संघर्षपूर्ण लड़ाई में राजस्थान के विनोद ने गोलू को पटखनी देकर शानदार जीत दर्ज की. दूसरा मुकाबला बनारस के छोटू और गाजीपुर के रजनीश के बीच खेला गया, जिसमें दोनों पहलवानों ने कड़ी टक्कर दी और मुकाबला ड्रॉ पर समाप्त हुआ. तीसरे मुकाबले में बक्सर के पहलवान बाबा प्रिंस दास और कानपुर के कल्लू आमने-सामने थे. इसमें बाबा प्रिंस दास ने अपने जबरदस्त कौशल के दम पर जीत हासिल की. चौथा मुकाबला बनारस के मोहन और इटारसी के हीरा के बीच खेला गया, जो बराबरी की टक्कर के बाद ड्रॉ घोषित हुआ. पांचवा मुकाबला पंजाब के अंशु और बलिया के वीरेंद्र के बीच हुआ, जो कड़ी प्रतिस्पर्धा के बाद ड्रॉ पर समाप्त हुआ. छठे मुकाबले में कानपुर के पहलवान कल्लू ने सोनपुर के पहलवान को परास्त कर जीत अपने नाम की. वहीं सातवें मुकाबले में कानपुर के सन्नी और बक्सर के प्रद्युम्न के बीच भिड़ंत हुई, जिसने दर्शकों का उत्साह और बढ़ा दिया. दिन का सबसे रोमांचक और अंतिम मुकाबला बक्सर के दिग्गज पहलवान बाबा प्रिंस दास और कानपुर के शैतान सिंह के बीच खेला गया. दोनों पहलवानों ने दमखम दिखाते हुए जोरदार प्रदर्शन किया और दर्शकों की तालियों से अखाड़ा गूंज उठा. पहलवानों को ईनामी राशि देकर किया सम्मानित वीर लोरिक महोत्सव के अंतिम दिन पहले सत्र में दंगल कुश्ती प्रतियोगिता का आयोजन किया गया. करीब तीन घंटे तक चले दंगल में दो दर्जन पहलवानों ने अपना अपना दमखम दिखाया. वहीं प्रत्येक मैच के बाद पहलवानों को आधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं दर्शको ने ईनामी राशि देकर सम्मानित किया. भारी संख्या में पहुंचे दर्शक महोत्सव के अंतिम दिन दंगल (कुश्ती) प्रतियोगता को देखने के लिए हजारों की संख्या में महिला व पुरुष दर्शक पहुंचे. जहां प्रत्येक दंगल (कुश्ती) मैच के दौरान दर्शक पहलवानों का ताली बजाकर हौसला अफजाई करते रहे. प्रतियोगिता समाप्ति के बाद लगभग एक घंटे तक जाम की समस्या बनी रही. हालांकि स्थानीय लोगों व प्रशासन के सहयोग से जाम को हटाया गया.

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