बर्फीली हवाओं का कहर, अलाव-रजाई में सिमटी जिंदगी, नौ जनवरी तक ठंड से राहत के आसार नहीं

बुजुर्ग, बच्चे व बीमार सबसे ज्यादा प्रभावित

सुपौल. जिले में कड़ाके की ठंड ने जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है. कंपकंपी से फिलहाल राहत की उम्मीद नहीं है. मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि आगामी नौ जनवरी तक ठंड से राहत नहीं मिलने वाली है. लगातार चल रही बर्फीली पछुआ हवाओं और गिरते तापमान ने हालात को और भी गंभीर बना दिया है. सुबह और शाम के समय ठंड अपने चरम पर पहुंच जा रही है. हालात ऐसे है कि लोग घरों के अंदर भी ठिठुरने को मजबूर हैं. रजाई, कंबल और हीटर के बावजूद ठंड से राहत नहीं मिल पा रही है. खुले स्थानों पर तो स्थिति और भी भयावह हो गई है. सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहता है. बेहद जरूरी होने पर ही लोग घरों से बाहर निकल रहे हैं. बर्फीली पछुआ हवाओं ने बढ़ाई परेशानी मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर-पश्चिम दिशा से चल रही तेज और बर्फीली पछुआ हवाओं के कारण तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है. न्यूनतम तापमान सामान्य से काफी नीचे चला गया है, जिससे शीतलहर जैसी स्थिति बन गई है. हवाओं की रफ्तार के कारण ठंड का असर कई गुना बढ़ गया है. शरीर में कंपकंपी छूट रही है. ठंड से बचने के लिए शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक लोग अलाव का सहारा ले रहे हैं. चौक-चौराहों, बाजारों और मोहल्लों में लोग अलाव जलाकर किसी तरह ठंड से राहत पाने की कोशिश कर रहे हैं. मजदूर वर्ग, रिक्शा चालक, ठेला चालक और बेघर लोगों के लिए यह ठंड किसी बड़ी आपदा से कम नहीं है. उनकी जिंदगी इन दिनों अलाव और रजाई के सहारे सिमट कर रह गई है. बुजुर्ग, बच्चे व बीमार सबसे ज्यादा प्रभावित भीषण ठंड का सबसे ज्यादा असर बुजुर्गों, छोटे बच्चों और बीमार लोगों पर पड़ रहा है. सर्दी, खांसी, बुखार और सांस से जुड़ी बीमारियों के मरीजों की संख्या में इजाफा देखा जा रहा है. सरकारी और निजी अस्पतालों में मरीजों की भीड़ बढ़ने लगी है. डॉक्टरों ने लोगों को ठंड से बचाव के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी है. कड़ाके की ठंड का असर स्कूली बच्चों पर भी साफ दिख रहा है. ठंड के कारण बाजारों में भी रौनक कम हो गई है. शाम ढलते ही दुकानें जल्दी बंद हो जा रही है. लोग घरों में दुबकने को मजबूर हैं. मौसम विभाग की चेतावनी मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि अभी ठंड से राहत की उम्मीद नहीं है. आने वाले कुछ दिनों तक न्यूनतम तापमान में और गिरावट दर्ज की जा सकती है. साथ ही सुबह और रात के समय घना कोहरा छाए रहने की संभावना भी जताई गई है. विभाग ने लोगों को बेवजह बाहर न निकलने, गर्म कपड़े पहनने और आग से सावधानी बरतने की सलाह दी है. भीषण ठंड को देखते हुए लोगों ने प्रशासन से अलाव, कंबल वितरण और रैन बसेरों की व्यवस्था बढ़ाने की मांग की है. खासकर गरीब और बेसहारा लोगों के लिए ठंड जानलेवा साबित हो सकती है. धूप ने दी थोड़ी राहत जिले में गुरुवार की सुबह जब धूप खिली तो लोगों ने सूर्यदेव का दर्शन कर बीते दिन के छुटे कार्यों को निपटाने में जुट गये. कई दिनों से भीगें कपड़े लोग धूप में देने लगे. वहीं लोगों ने घरों की सफाई भी किया. पशुपालक मवेशी को नहलाने के साथ रबी फसल के पटवन में जुट गये हैं. वहीं बच्चे घर से बाहर निकल कर खूब मस्ती की. लोगों को धूप ने ठंड से थोड़ी राहत दी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >