सुपौल. कोशी प्रमंडल सहरसा के आयुक्त के निर्देश पर बाल विकास परियोजना से जुड़ी एक बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए महिला पर्यवेक्षिका कल्याणी कुमारी को तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त कर दिया गया है. यह कार्रवाई उनके द्वारा कार्यों के संतोषजनक निष्पादन में विफल रहने के कारण की गयी है. जानकारी के अनुसार, आयुक्त के न्यायालय में आंगनबाड़ी पुनरीक्षण वाद संख्या 21/2024 (गुंजा कुमारी बनाम बिहार सरकार एवं अन्य) में 13 जून 2025 को पारित आदेश में आवेदिका की याचिका खारिज करते हुए तत्कालीन महिला पर्यवेक्षिका कल्याणी कुमारी, बाल विकास परियोजना त्रिवेणीगंज के विरुद्ध कड़ी अनुशासनिक कार्रवाई का निर्देश दिया गया था. इस आदेश के आलोक में 13 अक्टूबर 2025 को उनसे कारण पूछा गया था, जिस पर उन्होंने 17 अक्टूबर 2025 को अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत किया, लेकिन वह असंतोषजनक पाया गया. इसके बाद प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना और मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना में निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप उपलब्धि कम रहने को लेकर 20 मार्च 2026 और 30 मार्च 2026 को पुनः कारण पृच्छा की गयी. इन दोनों मामलों में भी उनका जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया. जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि कार्यों के निष्पादन में लापरवाही और अपेक्षित प्रगति नहीं होने के कारण यह कार्रवाई की गयी है. आदेश के तहत कल्याणी कुमारी, जो पूर्व में त्रिवेणीगंज में पदस्थापित थीं और वर्तमान में मरौना परियोजना कार्यालय में कार्यरत थीं को तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त कर दिया गया है. जिला प्रशासन ने संकेत दिया है कि योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी.
महिला पर्यवेक्षिका कल्याणी कुमारी कार्यमुक्त, आयुक्त के आदेश पर हुई कार्रवाई
बाल विकास परियोजना से जुड़ी एक बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए महिला पर्यवेक्षिका कल्याणी कुमारी को तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त कर दिया गया है.
