वीरपुर. बसंतपुर प्रखंड क्षेत्र में जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र से जुड़े हालिया फर्जीवाड़े के बाद प्रशासनिक सख्ती बढ़ गई है. इसी क्रम में परमानंदपुर पंचायत के वार्ड संख्या 05 स्थित पंचायत भवन में गुरुवार को मुखिया चंद्रकला देवी की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, बैठक में भगवानपुर पंचायत में सामने आए फर्जीवाड़े के मामले को लेकर विस्तृत चर्चा की गई. कई सदस्यों ने पंचायत स्तर पर कार्य प्रणाली में सुधार की आवश्यकता जताई. विशेष रूप से ग्राम कचहरी की सचिव नीलम देवी के नियमित रूप से पंचायत भवन में उपस्थित नहीं रहने का मुद्दा उठाया गया, जिस पर उन्हें नियमित रूप से बैठने के निर्देश देने पर सहमति बनी. बैठक का सबसे अहम निर्णय जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने को लेकर लिया गया. सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया कि अब किसी भी जन्म या मृत्यु प्रमाण पत्र के निर्गमन के लिए संबंधित वार्ड सदस्य का हस्ताक्षर और मोहर अनिवार्य होगा. इस निर्णय को उपस्थित सभी सदस्यों ने ध्वनिमत से समर्थन दिया. बैठक में पंचायत सचिव रामानंद राम, कार्यपालक सहायक मीनू कुमारी, विकास मित्र प्रकाश राम, आंगनबाड़ी सेविकाएं सुनीता देवी, पाकीजा, नायला, रुक्का कुमारी, जैनब खातून, उपमुखिया बीबी रिजवाना, वार्ड सदस्य रविंद्र कुमार, मुर्शीद, सोमी राम, बीबी नूरजहां, संजू देवी सहित पंचायत के कई अन्य लोग उपस्थित रहे.
जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने में अब वार्ड सदस्य की मोहर अनिवार्य
निर्णय को उपस्थित सभी सदस्यों ने ध्वनिमत से समर्थन दिया
