वीरपुर (सुपौल). सरस्वती विद्या निकेतन (मॉडल स्कूल) राजकीय +2 उच्च विद्यालय, वीरपुर में शनिवार को अभिभावक-शिक्षक संगोष्ठी का आयोजन किया गया. बैठक में नामांकित छात्र-छात्राओं के अभिभावक, शिक्षक और विद्यार्थी शामिल हुए. बैठक की अध्यक्षता वीरपुर एसडीएम विनय कुमार ने की. इस दौरान विद्यार्थियों की पढ़ाई, नियमित उपस्थिति, वर्ग संचालन में शिक्षक एवं छात्रों की भूमिका तथा बच्चों की देखरेख को लेकर अभिभावकों की जिम्मेदारी पर बिंदुवार चर्चा की गयी.
अभिभावकों की कम उपस्थिति पर एसडीएम ने जतायी नाराजगी
जिले के मॉडल स्कूल में पहली बार आयोजित इस तरह की बैठक में अभिभावकों की कम उपस्थिति पर एसडीएम विनय कुमार ने नाराजगी जतायी. उन्होंने कहा कि ऐसी बैठकों का संवाद प्रत्येक अभिभावक तक पहुंचना चाहिए, ताकि बच्चों के सर्वांगीण विकास के साथ पठन-पाठन की गुणवत्ता में भी सुधार हो सके.
उन्होंने अगले आयोजन में अधिक से अधिक अभिभावकों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया. एसडीएम ने कहा कि स्कूल और अभिभावकों के बीच नियमित संवाद से बच्चों की शैक्षणिक प्रगति पर बेहतर तरीके से नजर रखी जा सकती है.
हर प्रखंड में बनाया जा रहा मॉडल स्कूल
एसडीएम विनय कुमार ने कहा कि बिहार सरकार की योजना के तहत प्रत्येक प्रखंड में एक मॉडल स्कूल बनाया जा रहा है. इसी योजना के तहत बसंतपुर प्रखंड के राजकीय +2 उच्च विद्यालय, वीरपुर का चयन किया गया है.
उन्होंने कहा कि विद्यालय में सभी शिक्षक बीपीएससी के माध्यम से नियुक्त हुए हैं और यहां सभी विषयों की पढ़ाई अच्छी तरह करायी जा रही है. ऐसे में विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए स्कूल के साथ अभिभावकों की भूमिका भी महत्वपूर्ण है.
कम से कम 75 प्रतिशत उपस्थिति जरूरी
एसडीएम ने अभिभावकों से अपने बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान देने की अपील की. उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की कम से कम 75 प्रतिशत उपस्थिति जरूरी है. निर्धारित उपस्थिति नहीं होने पर परीक्षा फॉर्म भरने में परेशानी आ सकती है.
उन्होंने अभिभावकों से सप्ताह में कम से कम एक बार स्कूल आकर अपने बच्चों की उपस्थिति और पढ़ाई की जानकारी लेने की अपील की. इससे बच्चों की पढ़ाई में आ रही समस्याओं की समय रहते जानकारी मिल सकेगी.
बच्चों की सोशल मीडिया गतिविधियों पर भी रखें नजर
एसडीएम ने अभिभावकों से बच्चों की सोशल मीडिया गतिविधियों पर भी नजर रखने को कहा. उन्होंने कहा कि अभिभावक यह सुनिश्चित करें कि सोशल मीडिया के अत्यधिक इस्तेमाल के कारण बच्चे पढ़ाई से न भटकें. बच्चों की पढ़ाई, अनुशासन और अन्य गतिविधियों पर नियमित निगरानी रखने से उनके सर्वांगीण विकास में मदद मिलेगी.
स्कूल और अभिभावकों के बीच संवाद पर जोर
संगोष्ठी के दौरान स्कूल में पठन-पाठन की स्थिति, विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति और वर्ग संचालन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गयी. बैठक का उद्देश्य विद्यालय और अभिभावकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना और विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति को मजबूत करना रहा.
अधिकारी, शिक्षक और विद्यार्थी रहे मौजूद
कार्यक्रम में बसंतपुर प्रखंड विकास पदाधिकारी सुजीत कुमार मिश्रा, सरस्वती विद्या निकेतन के प्रधानाध्यापक, शिक्षक, अभिभावक तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे.
