पुलिस के खिलाफ सड़क पर उतरे ग्रामीण

आक्रोशित लोगों ने पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की

– 04 दिसंबर की रात गला रेतकर कर दी गई थी रंजू कुमारी की हत्या – रविवार की रात थाना में पुलिस ने बेरहमी से कर दी मृतका के भाई की पिटाई – घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क जाम कर किया प्रदर्शन – अब तक पुलिस हत्याकांड में शामिल आरोपियों की नहीं कर सकी गिरफ्तारी निर्मली नदी थाना क्षेत्र के ललमनिया पंचायत के वार्ड 17 स्थित लालपुर में 04 दिसंबर की रात रंजू कुमारी की गला रेतकर हत्या मामले में नया विवाद सामने आया है. पुलिस द्वारा मृतका के भाई जागेश्वर मंडल की पिटाई से आक्रोशित ग्रामीणों ने सोमवार को लालपुर चौक के पास निर्मली-मरौना मुख्य सड़क को जाम कर दिया. इस दौरान आक्रोशित लोगों ने पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. ग्रामीणों ने कहा कि हत्या के दस दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस अब तक ना तो एक भी आरोपी की गिरफ्तारी कर सकी है और ना ही घटना का खुलासा कर पाई है. रविवार को मृतका के परिजन और ग्रामीण न्याय की मांग को लेकर नदी थाना पहुंचे. इसके बाद रात में पुलिस गांव पहुंची और जबरन जागेश्वर मंडल को गाड़ी पर बैठाकर थाना ले गई. ग्रामीणों ने कहा कि थाना में पूरी रात पुलिस ने जागेश्वर की बेरहमी से पिटाई की. इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया. बताया कि जागेश्वर के शरीर पर कई जगह गंभीर चोट के निशान हैं. पुलिस की पिटाई से घायल जागेश्वर का निर्मली अनुमंडलीय अस्पताल में इलाज चल रहा है. सोमवार को जैसे ही घटना की जानकारी ग्रामीणों को हुई उनका आक्रोश भड़क उठा. आक्रोशित ग्रामीणों ने लालपुर चौक के पास निर्मली-मरौना मुख्य सड़क को जाम कर दिया. आक्रोशित ग्रामीण वरीय अधिकारियों को स्थल पर बुलाने की मांग कर रहे थे. सूचना पर ललमनिया पंचायत के मुखिया अनिल आनंद मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीणों का आक्रोश शांत नहीं हुआ. इसके बाद एसडीपीओ राजू रंजन कुमार, सर्किल इंस्पेक्टर राणा रणविजय कुमार, निर्मली थानाध्यक्ष सियावर मंडल सहित बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचे. अधिकारियों ने आक्रोशित ग्रामीणों को समझाकर जाम हटाया. उधर, अनुमंडलीय अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात डॉ. रजनीश कुमार ने बताया कि मारपीट के मामले में घायल युवक को अस्पताल लाया गया है. उसके शरीर पर कई जगह गहरे जख्म हैं. इलाज जारी है. वहीं नदी थानाध्यक्ष अमित कुमार ने पुलिस पर लगे आरोपों को खारिज किया. उन्होंने बताया कि युवक को पूछताछ के लिए थाना लाया गया था और पूछताछ के बाद बड़हरा व कदमाहा पंचायत के जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में छोड़ दिया गया. पुलिस द्वारा मारपीट किए जाने का आरोप पूरी तरह बेबुनियाद है.

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