वीरपुर हवाई अड्डा विकास को मिली हरी झंडी

88 एकड़ 83 डिसमिल भूमि अधिग्रहण को सरकार से दी गयी स्वीकृति

88 एकड़ 83 डिसमिल भूमि अधिग्रहण को सरकार से दी गयी स्वीकृति सुपौल. जिले के वीरपुर हवाई अड्डा के विकास कार्य के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को लेकर बड़ा निर्णय लिया गया है. सामाजिक प्रभाव आकलन (एसआईए) प्रक्रिया के बाद सरकार ने इसे सार्वजनिक उद्देश्य के लिए पूर्णतः उपयुक्त मानते हुए स्वीकृति प्रदान कर दी है. इस परियोजना के अंतर्गत मौजा वीरपुर में 24 एकड़ 87 डिसमिल, पिपराहीनाग में 44 एकड़ 77 डिसमिल व परमानंदपुर में 19 एकड़ 19 डिसमिल जमीन अधिग्रहण किया जायेगा. कुल 88 एकड़ 83 डी भूमि का स्थायी भू-अर्जन किया जाएगा. कार्यालय ज्ञापांक 2272/भू-अर्जन, सुपौल, दिनांक 03 दिसंबर 2025 के तहत गठित विशेषज्ञ समूह द्वारा सामाजिक प्रभाव आकलन प्रतिवेदन का मूल्यांकन किया गया. यह प्रतिवेदन अनुग्रह नारायण सिंह, समाज अध्ययन संस्थान, बिहार, पटना द्वारा समर्पित किया गया था. विशेषज्ञ समूह ने 26 दिसंबर 2025 को अपने मंतव्य के साथ मूल्यांकन प्रतिवेदन प्रस्तुत किया. विशेषज्ञ समूह के अनुसार इस परियोजना से किसी के विस्थापन की संभावना नगण्य है. भूमि अधिग्रहण पूर्णतः सार्वजनिक उद्देश्य की पूर्ति हेतु किया जा रहा है. परियोजना से होने वाले संभावित लाभ, सामाजिक लागत एवं प्रतिकूल प्रभावों की तुलना में कहीं अधिक है. हितबद्ध रैयतों के लाभों को ध्यान में रखते हुए अधिनियम के सभी प्रावधानों का पालन करने की अनुशंसा की गई है. सामाजिक प्रभाव आकलन के सम्यक मूल्यांकन के बाद विशेषज्ञ समूह ने स्पष्ट राय दी कि इस भू-अर्जन से होने वाले लाभ प्रभावित लोगों की सामाजिक एवं आर्थिक हानि से कहीं अधिक होंगे. अतः समुचित सरकार ने निर्णय लिया है कि वीरपुर हवाई अड्डा के विकास के लिए प्रस्तावित कुल 88 एकड़ 83 डिसमिल भूमि सार्वजनिक उद्देश्य के लिए सर्वथा उपयुक्त है.

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