सुपौल कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में दो दिवसीय बैडमिंटन टूर्नामेंट का हुआ समापन

बालक व बालिका वर्ग के खिलाड़ियों में देखने को मिला उत्साह

बालक व बालिका वर्ग के खिलाड़ियों में देखने को मिला उत्साह सुपौल. सुपौल कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में 15 एवं 16 दिसंबर को आयोजित दो दिवसीय बालक व बालिका वर्ग बैडमिंटन टूर्नामेंट का सफलतापूर्वक समापन हुआ. कॉलेज के स्पोर्ट्स क्लब के तत्वावधान में आयोजित इस प्रतियोगिता में छात्रों ने खेल भावना, शारीरिक फिटनेस और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का शानदार प्रदर्शन किया. पूरे टूर्नामेंट के दौरान खिलाड़ियों के उत्साह और दर्शकों की भागीदारी ने माहौल को खेलमय बनाए रखा. यह बैडमिंटन प्रतियोगिता स्पोर्ट्स क्लब इंचार्ज अर्जुन कुमार महतो एवं रोशनी सुमन, आनंद प्रकाश व कॉलेज के प्राचार्य डॉ एएन मिश्रा के मार्गदर्शन एवं सहयोग से सफलतापूर्वक संपन्न हुई. स्पोर्ट्स क्लब की नेतृत्वकर्ता की भूमिका में प्रेसिडेंट निशांत कुमार वर्मा, वाइस प्रेसिडेंट निरंजन राजा तथा सेक्रेटरी शैलेन्द्र शंकर प्रसाद यादव ने आयोजन की रूपरेखा तैयार करने से लेकर प्रतियोगिता के संचालन तक महत्वपूर्ण योगदान दिया. इनके नेतृत्व में टूर्नामेंट को समयबद्ध और सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न कराया गया. वहीं, समन्वयक के रूप में अनुराग पांडेय, सुधांशु कुमार, मृत्तुंजय पांडेय, अविनिकांत, हिमांशु कुमार, साकेत कुमार राय एवं ऋषिकेश कुमार ने खिलाड़ियों की व्यवस्था, मैच शेड्यूल और अन्य व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई. बालक वर्ग में रोमांचक मुकाबलों के बीच कप्तान अमन कुमार वर्मा के नेतृत्व में टीम ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए विजेता का खिताब अपने नाम किया. टीम के अन्य सदस्य आशीष यादव, आयुष कुमार, आर्य सुमंत एवं प्रशांत कुमार ने भी निर्णायक मुकाबलों में बेहतरीन प्रदर्शन कर टीम की जीत सुनिश्चित की. दर्शकों ने खिलाड़ियों के कौशल और जुझारूपन की जमकर सराहना की. वहीं बालिका वर्ग में भी मुकाबले काफी रोमांचक रहे. कप्तान अनीशा कुमारी के नेतृत्व में आयुषी सैनी, प्रगति कुमारी, स्वाति कुमारी एवं दीपा कुमारी की टीम ने पूरे आत्मविश्वास और सामंजस्य के साथ खेलते हुए प्रथम स्थान हासिल किया. फाइनल मुकाबले में खिलाड़ियों की फुर्ती, रणनीति और खेल भावना ने सभी का ध्यान आकर्षित किया. समापन समारोह के अवसर पर कॉलेज प्रशासन की ओर से सभी प्रतिभागियों, विजेता एवं उपविजेता टीमों, आयोजकों तथा स्वयंसेवकों के प्रयासों की सराहना की गई. वक्ताओं ने कहा कि इस प्रकार के खेल आयोजन न केवल छात्रों के शारीरिक विकास में सहायक होते हैं, बल्कि उनमें टीमवर्क, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता का भी विकास करते हैं.

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