Supaul News: बिहार में राज्य सरकार की ओर से घरेलू उपभोक्ताओं को 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली दी जा रही है. इस राहत के बावजूद कुछ लोग गैरकानूनी तरीके से बिजली चोरी करने से बाज नहीं आ रहे हैं. सुपौल जिले के पिपरा थाना क्षेत्र अंतर्गत पथरा उत्तर पंचायत में ऐसा ही एक सनसनीखेज मामला सामने आया है. यहां बिजली विभाग की विशेष टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर जब अचानक दो परिसरों में छापेमारी की, तो मौके का नजारा देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए. दोनों घरों में बिजली के मीटर को दरकिनार कर सीधे बाइपास के जरिए धड़ल्ले से अवैध बिजली का उपयोग किया जा रहा था.
गुप्त सूचना पर बनी टीम और अचानक शुरू हुई छापेमारी
विभाग को काफी समय से कटैया-निर्मली और आसपास के पथरा उत्तर पंचायत क्षेत्र में बड़े पैमाने पर बिजली चोरी किए जाने की शिकायतें मिल रही थीं. इसके कारण इलाके में लो वोल्टेज और बार-बार ट्रिपिंग की समस्या पैदा हो रही थी. इन शिकायतों की गंभीरता को देखते हुए कनीय विद्युत अभियंता विकास कुमार के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल का गठन किया गया. टीम ने बिना किसी भनक के पथरा उत्तर गांव में चिन्हित ठिकानों पर दबिश दी. अचानक हुई इस कार्रवाई से पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई. जांच टीम ने जब दो अलग-अलग घरों के विद्युत कनेक्शनों की बारीकी से पड़ताल की, तो वहां अवैध रूप से लगाए गए बाइपास तार पकड़े गए.
तत्काल काटा गया कनेक्शन, तार और मीटर जब्त
मौके पर ही बिजली चोरी की पुष्टि होते ही विभागीय अधिकारियों ने कड़ा रुख अपनाया. नियमानुसार तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों घरों के अवैध कनेक्शनों में इस्तेमाल किए गए तारों और बिजली मीटरों को काटकर जब्त कर लिया गया. इसके बाद विभाग की ओर से दोनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित थाने में विधिवत मामला दर्ज कराया गया है. इस कार्रवाई के बाद से ही क्षेत्र में अवैध रूप से बिजली का उपयोग करने वाले अन्य लोगों के बीच हड़कंप की स्थिति बनी हुई है. कई लोग पकड़े जाने के डर से अपने अवैध तारों को आनन-फानन में हटाते नजर आए.
125 यूनिट मुफ्त बिजली का गणित और सरकारी राजस्व का नुकसान
मामले की जानकारी देते हुए कनीय विद्युत अभियंता विकास कुमार ने बताया कि सरकार का मुख्य उद्देश्य गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को बिजली बिल के भारी बोझ से राहत देना है. इसी सोच के तहत 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली उपलब्ध कराई जा रही है, जो एक सामान्य परिवार की दैनिक जरूरतों के लिए पर्याप्त होती है. इसके बावजूद केवल ज्यादा मुनाफा कमाने या बिल बचाने की नीयत से बाइपास का सहारा लेना सीधे तौर पर अपराध है. कनीय अभियंता ने स्पष्ट किया कि बिजली चोरी से न केवल सरकार और विभाग को भारी राजस्व का नुकसान होता है, बल्कि पूरे इलाके की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है. इससे ईमानदार और वैध कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं को भी लो वोल्टेज की समस्या झेलनी पड़ती है.
Supaul News: ईमानदार उपभोक्ताओं पर असर और प्रशासनिक जवाबदेही
बिजली चोरी की यह परिपाटी न केवल प्रशासनिक नियमों का उल्लंघन है, बल्कि इसका सीधा मानवीय पहलू भी है. जो लोग नियमित रूप से बिजली बिल भरते हैं, उन्हें दूसरों की चोरी और अवैध लोड के कारण कम वोल्टेज तथा बार-बार बिजली कटने जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. विभाग ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में ऐसी समस्याओं को रोकने के लिए निगरानी तंत्र को और अधिक मजबूत किया जाएगा और यह अभियान लगातार जारी रहेगा. इस छापेमारी अभियान में कनीय विद्युत अभियंता के साथ जूनियर लाइनमैन हकीउद्दीन, मंजीत कुमार एवं अभिनंदन कुमार समेत विभागीय कर्मी मुख्य रूप से मौजूद रहे. अधिकारियों ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे वैध कनेक्शन के माध्यम से ही बिजली का उपयोग करें और किसी भी तरह से मीटर में छेड़छाड़ अथवा बाइपास न करें, वरना विद्युत अधिनियम के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
