अवैध डीजे वाहनों पर परिवहन विभाग की कार्रवाई शुरू, संचालकों में मचा है हड़कंप

जिले में अब सड़कों पर शोर मचाने वाले अवैध और मॉडिफाइड डीजे वाहनों की खैर नहीं है. बिहार सरकार का परिवहन विभाग द्वारा नियम के विरुद्ध डीजे वाहनों से मुक्त करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे विशेष अभियान का असर जिले में साफ तौर पर दिखने लगा है.

सुपौल. जिले में अब सड़कों पर शोर मचाने वाले अवैध और मॉडिफाइड डीजे वाहनों की खैर नहीं है. बिहार सरकार का परिवहन विभाग द्वारा नियम के विरुद्ध डीजे वाहनों से मुक्त करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे विशेष अभियान का असर जिले में साफ तौर पर दिखने लगा है. विभाग के निर्देश पर परिवहन विभाग ने मिशन मोड में सघन वाहन जांच अभियान शुरू कर दिया है. इससे डीजे वाहन संचालकों में हड़कंप मच गया है. इस विशेष अभियान का नेतृत्व डीटीओ डॉ संजीव कुमार सज्जन कर रहे हैं. उनके निर्देशन में मोटरयान निरीक्षक एवं प्रवर्तन अवर निरीक्षक की संयुक्त टीम जिले के विभिन्न चौक-चौराहों, मुख्य सड़कों और संवेदनशील इलाकों में लगातार वाहन जांच कर रही है. जांच के दौरान खास तौर पर उन वाहनों को निशाने पर लिया जा रहा है, जिनमें बिना अनुमति डीजे सिस्टम लगाये गये हैं. वहीं जिनकी संरचना में अवैध बदलाव किये गये हैं. कई वाहनों को किया गया जब्त अधिकारियों के अनुसार, अभियान के दौरान कई ऐसे वाहन पकड़े गये हैं, जो मोटर वाहन अधिनियम के नियमों का खुला उल्लंघन कर रहे थे. बिना परमिट डीजे सिस्टम लगे वाहनों, अत्यधिक ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले साधनों और अवैध रूप से मॉडिफाइड वाहनों पर नियमानुसार भारी जुर्माना लगाया गया है. वहीं, गंभीर मामलों में वाहनों को जब्त करने की कार्रवाई भी की गयी है. परिवहन विभाग ने साफ किया है कि बिना अनुमति वाहन में डीजे सिस्टम लगाना, वाहन की मूल संरचना में बदलाव करना और ध्वनि प्रदूषण मानकों का उल्लंघन करना कानूनन अपराध है. ऐसे मामलों में न सिर्फ भारी आर्थिक दंड का प्रावधान है, बल्कि वाहन का पंजीकरण रद्द करने और अन्य कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है. सड़क सुरक्षा सुनिश्चित व ध्वनि प्रदूषण से राहत दिलाना है उद्देश्य : डीटीओ डीटीओ डॉ सज्जन ने बताया कि यह अभियान राज्य सरकार के स्पष्ट निर्देश पर चलाया जा रहा है. इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करना, आम लोगों को ध्वनि प्रदूषण से राहत दिलाना और शादी-ब्याह, बारात व अन्य आयोजनों के दौरान अवैध डीजे वाहनों से उत्पन्न अव्यवस्था पर पूर्णतः रोक लगाना है. डॉ सज्जन ने वाहन स्वामियों और संचालकों से अपील की कि वे अपने वाहनों में अवैध रूप से डीजे सिस्टम न लगाएं और परिवहन नियमों का पूरी तरह पालन करें. उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य में भी यह अभियान जिले में लगातार जारी रहेगा और किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जायेगी. नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जायेगी. प्रशासन की इस सख्ती के बाद जिले में अवैध डीजे वाहन संचालकों के बीच हड़कंप मचा है. कई संचालकों ने अपने वाहन सड़कों से हटाने शुरू कर दिये हैं, तो वहीं कुछ नियमों के अनुरूप वाहन संचालन की प्रक्रिया अपनाने में जुट गये हैं.

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