नेपाल सरकार का बड़ा कदम: भारतीय पर्यटकों के लिए "पर्यटन स्टीकर " योजना का हुआ शुभारंभ

भंसार कार्यालय से मिलेगा 500 रुपये मूल्य का एक पर्यटन स्टीकर

– अब भारतीय पर्यटकों को नेपाल में नहीं देना होगा अतिरिक्त शुल्क – भंसार कार्यालय से मिलेगा 500 रुपये मूल्य का एक पर्यटन स्टीकर वीरपुर. नेपाल में प्रदेश संख्या 01 की सरकार ने नेपाल में पर्यटन को बढ़ावा देने और भारतीय पर्यटकों को राहत देने के उद्देश्य से एक नई पहल की शुरुआत की है. अब भारत से आने वाले पर्यटकों को नेपाल के पूर्वी प्रदेश में भ्रमण के दौरान गांव पालिका और नगर पालिका द्वारा अलग-अलग कर देने की आवश्यकता नहीं होगी. इसके लिए सरकार ने एक विशेष “पर्यटन स्टीकर ” जारी किया है. इस स्टीकर की शुरुआत रविवार को कोसी बैराज स्थित भंसार कार्यालय परिसर में एक कार्यक्रम के माध्यम से की गई. कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश 01 के वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री सदानंद मंडल उपस्थित रहे. इस मौके पर सुनसरी के सीडीओ धर्मेन्द्र मिश्रा, एसपी सुमन कुमार तिमसीना, अनुसंधान प्रमुख, यातायात प्रमुख, एपीएफ की चौथी बटालियन के कमांडेंट निर्मल थापा, जिला सुरक्षा समिति के अधिकारी तथा स्थानीय जनप्रतिनिधि भी मौजूद थे. कार्यक्रम में नेपाल जाने वाले भारतीय पर्यटकों का रुद्राक्ष की माला व अंग वस्त्र से सम्मान कर स्वागत किया गया. मंत्री मंडल ने स्वयं भारतीय वाहनों पर पर्यटन स्टीकर चिपका कर इस योजना का औपचारिक शुभारंभ किया. अपने संबोधन में मंत्री मंडल ने कहा, पहले नेपाल में प्रवेश करते समय विभिन्न पालिकाओं द्वारा शुल्क लिया जाता था, जिससे नकारात्मक संदेश जाता था. अब इस व्यवस्था में बदलाव लाते हुए प्रदेश सरकार ने एक समान शुल्क प्रणाली लागू की है. अब भारतीय वाहन जब जोगबनी, कोसी बैराज, काकड़भिट्टा या महेन्द्रनगर से नेपाल में प्रवेश करेंगे, तो उन्हें भंसार कार्यालय से 500 रुपये मूल्य का एक पर्यटन स्टीकर मिलेगा. यह स्टीकर एक माह तक मान्य होगा और इस अवधि में वाहन को किसी अन्य प्रकार का अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होगा. मंत्री ने यह भी जानकारी दी कि भविष्य में इस व्यवस्था को बायोमेट्रिक प्रणाली से जोड़ने पर विचार किया जा रहा है, जिससे भारत से आने वाले पर्यटकों को और अधिक सुरक्षित व व्यवस्थित सुविधा दी जा सके. प्रदेश सरकार की इस पहल से निश्चित ही भारत-नेपाल मैत्री संबंध मजबूत होंगे और पर्यटन को नई दिशा मिलेगी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By RAJEEV KUMAR JHA

RAJEEV KUMAR JHA is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >