सुपौल. जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ गौतम कुमार यादव की अदालत ने गुरुवार को हत्या मामले में तीन लोगों को सश्रम आजीवन कारावास व 20 हजार रुपया अर्थदंड की सजा सुनायी है. लगभग पांच साल पहले जमीन विवाद में हत्या के मामले में तीनों को दोषी करार दिया गया है. अर्थदंड की राशि नहीं देने पर 06 माह अतिरक्त साधारण कारावास की सजा भुगतनी होगी. जानकारी के अनुसार बलुवा बाजार (ललित ग्राम) थाना कांड संख्या 85/20 तथा जनित सत्रवाद संख्या 123/21 से संबंधित है. उक्त घटना में छातापुर थाना क्षेत्र स्थित भागवतपुर वार्ड नंबर आठ निवासी बुधु दास की हत्या उस समय कर दी गयी थी जब वे अपने खेत में किसानी कर रहे थे. मामले को लेकर मृतक के पिता बदामी दास ने मामला दर्ज करवाया था. इसमें उन्होंने कहा था कि 28 नवंबर 2020 को वे अपने पुत्र बुधु दास के साथ ग्राम काला गोविंदपुर वार्ड नंबर 01 स्थित खेत में मेढ़ बना रहे थे. इसी दौरान उनके चचेरा भाई बद्री दास, सदरी दास और भतीजा अनिल दास अपने हाथ में कुदाल लेकर आया और उन्हें और उनके पुत्र बुधु दास के सिर पर जोरदार प्रहार कर दिया. इससे पुत्र घायल होकर जमीन पर गिर पड़ा और मौके पर ही उसकी मौत हो गयी. सुनवाई के उपरांत उक्त कोर्ट ने बद्री दास, सदरी दास तथा अनिल दास को दोषी करार करते हुए भादवि की धारा 302 के तहत सश्रम आजीवन कारावास एवं 20 हजार रुपये अर्थदंड, धारा 307 के तहत 10 वर्ष सश्रम कारवास, धारा 323 के तहत 06 माह साधारण कारावास तथा भादवि की धारा 341 के तहत एक माह साधारण कारावास की सजा सुनायी है. कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि सुनायी गयी सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी. पूर्व में कारा में बितायी गयी अवधि दी गयी सजा में समायोजित की जायेगी, जबकि अर्थ दंड की राशि नहीं देने पर तीनों को अतिरिक्त 06 माह साधारण कारावास की सजा भुगतनी होगी. इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक राजेश कुमार सिंह तथा बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता विनोद कांत झा ने बहस में हिस्सा लिया.
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