मनरेगा बचाने की लड़ाई जारी रहेगी : मिन्नत रहमानी

कांग्रेस द्वारा चलाये जा रहे मनरेगा बचाओ संग्राम की गूंज अब गांवों तक पहुंच चुकी है. कांग्रेस नेता मिन्नत रहमानी लगातार जिले के विभिन्न गांवों में जाकर मनरेगा मजदूरों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक कर रहे हैं.

सुपौल. कांग्रेस द्वारा चलाये जा रहे मनरेगा बचाओ संग्राम की गूंज अब गांवों तक पहुंच चुकी है. कांग्रेस नेता मिन्नत रहमानी लगातार जिले के विभिन्न गांवों में जाकर मनरेगा मजदूरों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक कर रहे हैं. इसी क्रम में त्रिवेणीगंज प्रखंड के भैरोपट्टी गांव में आयोजित किसान सम्मेलन को संबोधित करते हुए रहमानी ने कहा कि मनरेगा कानून कांग्रेस की देन है, जिसने ग्रामीणों को 100 दिनों के रोजगार की गारंटी और अपने गांव में काम चुनने का अधिकार दिया. उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने बजट में कटौती और 60:40 के नए अनुपात को लागू कर राज्यों पर आर्थिक बोझ बढ़ा दिया है. जिससे कई राज्य मनरेगा को सुचारू रूप से चला पाने में असमर्थ हो जायेंगे. इसका सीधा नुकसान गरीब मजदूरों को उठाना पड़ेगा. रहमानी ने कहा कि वर्ष 2005 में तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह द्वारा शुरू की गयी मनरेगा योजना ने ग्रामीण गरीबों और महिलाओं की आजीविका को मजबूती दी और पलायन पर रोक लगायी. कहा कि मनरेगा को कमजोर करने का मुख्य कारण यह है कि यह योजना राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नाम से जुड़ी हुई है. जिससे भाजपा को चिढ़ है. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और उसके सहयोगी दलों को गरीब, मजदूर और किसानों से कोई सरोकार नहीं है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस की ओर से लायी गयी मनरेगा योजना गरीबों के लिए जीवनरेखा थी. इसी कारण इसे समाप्त करने की साजिश की जा रही है, लेकिन कांग्रेस कार्यकर्ता पूरी तरह से कमर कस चुके हैं. मनरेगा बचाने की लड़ाई जारी रहेगी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By RAJEEV KUMAR JHA

RAJEEV KUMAR JHA is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >