प्रभु से बढ़कर कोई और सुख व संपदा नहीं : साध्वी

कथा के अंत में आरती की गई और श्रद्धालुओं में प्रसाद का वितरण किया गया

कटैया-निर्मली. पिपरा प्रखंड क्षेत्र के निर्मली पंचायत स्थित बेला नगर में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा के दूसरे दिन अयोध्या धाम से आई साध्वी बिन्दु शास्त्री के प्रवचन से वातावरण गूंज उठा. उन्होंने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि मानव जीवन का परम लक्ष्य केवल सांसारिक सुख भोगना नहीं, बल्कि भगवान की भक्ति और सत्संग के माध्यम से मोक्ष प्राप्त करना है. साध्वी ने धुंधकारी चरित्र और भक्त प्रहलाद की अटूट आस्था के प्रसंग सुनाकर मोह-माया त्यागने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि जैसे धुंधकारी ने सत्संग के द्वारा मुक्ति पाई, वैसे ही भागवत श्रवण से कलयुग में भी जीव का कल्याण संभव है. साध्वी ने मानव को सांसारिक विषयों से ऊपर उठकर प्रभु श्री कृष्ण में एकाग्रता स्थापित करने का संदेश दिया. उन्होंने कहा कि भागवत कथा का श्रवण करने वालों का सदैव कल्याण होता है. उन्होंने कहा, प्रभु से बढ़कर कोई और सुख और सम्पदा नहीं है. कहा कि मनुष्य जीवन विषय वस्तु को भोगने के लिए नहीं मिला है, लेकिन आज का मानव भगवान की भक्ति को छोड़ विषय वस्तु को भोगने में लगा हुआ है. उसका सारा ध्यान संसारिक विषयों को भोगने में ही लगा हुआ है. कथा के अंत में आरती की गई और श्रद्धालुओं में प्रसाद का वितरण किया गया.

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By RAJEEV KUMAR JHA

RAJEEV KUMAR JHA is a contributor at Prabhat Khabar.

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