रील बनाने से मना करने पर कमरे में गयी किशोरी, संदिग्ध परिस्थितियों में मौत, जांच में जुटी पुलिस

बिहार के सुपौल में एक 14 वर्षीय किशोरी की संदिग्ध मौत ने सनसनी फैला दी है. परिजनों का दावा है कि रील बनाने से रोकने पर उसने जान दी, लेकिन ग्रामीणों के बीच प्रेम प्रसंग की भी चर्चाएं हैं. पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है.

बिहार के सुपौल जिले के त्रिवेणीगंज से एक बेहद हैरान और विचलित कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक 14 वर्षीय किशोरी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है. किशोरी की मौत के पीछे जहां एक तरफ मोबाइल रील की दीवानगी और परिजनों की डांट को वजह बताया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ गांव में प्रेम प्रसंग को लेकर भी तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं. इस रहस्यमयी मौत ने पुलिस के सामने भी कई अनुत्तरित सवाल खड़े कर दिये हैं.

रील बनाने से रोकने पर सुसाइड का दावा, परिजनों ने बयां की उस रात की दास्तान

यह दर्दनाक घटना त्रिवेणीगंज थाना क्षेत्र के बरहकुड़वा वार्ड नंबर 09 की है. यहाँ रहने वाले संतोष सादा की 14 वर्षीय पुत्री सोनी कुमारी का शव रविवार को उसके बंद कमरे से बरामद किया गया. परिजनों द्वारा पुलिस को दिए गए बयान के अनुसार, सोनी को मोबाइल पर वीडियो रील बनाने और देखने की बहुत बुरी लत थी. वह अपना ज्यादातर समय इसी में बिताती थी. शनिवार की रात परिजनों ने उसे रील बनाने से मना किया और मोबाइल को लेकर डांट-फटकार लगाई. परिजनों का दावा है कि इसी बात से नाराज होकर सोनी अपने कमरे में चली गई और अंदर से कुंडी बंद कर ली. इसके बाद उसने अपनी ओढ़नी का फंदा बनाकर पंखे से लटककर खुदकुशी कर ली.

'रील की सनक' या प्रेम प्रसंग का रहस्य? ग्रामीणों की सुगबुगाहट से गहराया सस्पेंस

यद्यपि परिवार के लोग इसे डांट के बाद गुस्से में उठाया गया आत्मघाती कदम बता रहे हैं, लेकिन ग्रामीणों के बीच कहानी कुछ और ही बयां की जा रही है. स्थानीय सूत्रों और ग्रामीणों के अनुसार, मृतका का गांव के ही एक युवक के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था. घटना वाली रात प्रेमी के साथ किसी बात को लेकर उसकी तीखी नोकझोंक और कहासुनी हुई थी, जिसके बाद उसने यह खौफनाक कदम उठा लिया. हालांकि, पुलिस प्रशासन ने इस प्रेम प्रसंग के दावों की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और मामले को पूरी तरह से जांच के दायरे में रखा है.

फॉरेंसिक टीम ने खंगाला कमरा, थानाध्यक्ष बोले- पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही खुलेगा असली राज

घटना की जानकारी मिलते ही त्रिवेणीगंज थानाध्यक्ष राकेश कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम तुरंत दल-बल के साथ मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल सुपौल भेज दिया. पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद रविवार को शव परिजनों को सौंप दिया गया है. मामले की गंभीरता और रहस्य को देखते हुए मौके पर फॉरेंसिक (FSL) टीम को भी बुलाया गया, जिसने घटनास्थल से कई महत्वपूर्ण साक्ष्य और वैज्ञानिक नमूने (Samples) इकट्ठे किए हैं.थानाध्यक्ष राकेश कुमार ने रविवार की शाम करीब तीन बजे बताया कि प्रथमदृष्टया यह पूरा मामला संदिग्ध प्रतीत हो रहा है. फिलहाल मृतका के परिजनों की तरफ से पुलिस को कोई लिखित शिकायत नहीं दी गई है. पुलिस मोबाइल कॉल डिटेल्स, फॉरेंसिक साक्ष्य और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर हर संभावित पहलू की गहराई से तफ्तीश कर रही है, जिसके बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि यह महज एक सुसाइड है या इसके पीछे कोई और गहरी साजिश छिपी हुई है.


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लेखक के बारे में

By दीपक कुमार

दीपक कुमार प्रिंट माध्यम में 10 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. सामाजिक सरोकार, शिक्षा, अपराध, राजनीति, कला-संस्कृति की खबरों में रुचि रखते हैं. त्रिवेणीगंज (सुपौल) क्षेत्र में काम कर रहे हैं.

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