एआई पर राष्ट्रीय कार्यशाला में तकनीकी सत्र सम्पन्न, देशभर के विशेषज्ञों ने साझा किया ज्ञान
सुपौल कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में कार्यक्रम का हुआ आयोजन
सुपौल कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में कार्यक्रम का हुआ आयोजन सुपौल. सुपौल कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, सुपौल के कंप्यूटर साइंस एवं इंजीनियरिंग व सीएससी (एआई) विभाग द्वारा आयोजित सात दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में उभरते रुझान” के अंतर्गत मंगलवार को एक महत्वपूर्ण तकनीकी सत्र का सफल आयोजन किया गया. यह कार्यशाला बिहार काउंसिल ऑन साइंस एंड टेक्नोलॉजी पटना द्वारा प्रायोजित है. मंगलवार को आयोजित इस सत्र में देश के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों से आए विशेषज्ञों ने सहभागिता की. प्रमुख वक्ताओं में निधि, सहायक प्राध्यापक (जीसीईआई), डॉ सतेंद्र कुमार, सहायक प्राध्यापक (आईआईटी पटना), डॉ जे पी सिंह, एसोसिएट प्रोफेसर, राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटीपटना) तथा प्रवीण कुमार, सहायक प्राध्यापक बीपीएमसीई मधेपुरा शामिल रहे. कार्यक्रम के दौरान निधि ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के मूल सिद्धांतों, उसके शैक्षणिक एवं औद्योगिक उपयोगों पर विस्तार से चर्चा की. उन्होंने बताया कि एआई किस प्रकार स्वास्थ्य, शिक्षा, वित्त एवं प्रशासन जैसे क्षेत्रों में क्रांतिकारी बदलाव ला रहा है. डॉ सतेंद्र कुमार ने मशीन लर्निंग, डेटा प्रोसेसिंग एवं ऑटोमेशन तकनीकों पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को व्यावहारिक एवं नवाचारी दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित किया. मुख्य वक्ता डॉ जेपी सिंह ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में अनुसंधान की संभावनाओं, नैतिक पहलुओं एवं भविष्य की चुनौतियों पर प्रभावशाली व्याख्यान दिया. उन्होंने छात्रों को शोध, नवाचार एवं स्टार्टअप संस्कृति की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया. प्रवीण कुमार ने एआई आधारित प्रणालियों, साइबर सुरक्षा तथा समाज पर इसके सकारात्मक एवं नकारात्मक प्रभावों पर अपने विचार साझा किए. सत्र के अंत में आयोजित प्रश्नोत्तर कार्यक्रम में विद्यार्थियों, शोधार्थियों एवं शिक्षकों ने सक्रिय सहभागिता की. विशेषज्ञों के मार्गदर्शन से प्रतिभागियों में नवीन तकनीकों के प्रति विशेष उत्साह एवं जागरूकता देखने को मिली. यह तकनीकी सत्र ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायक एवं अत्यंत सफल रहा.
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