सुपौल : टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत सोमवार को सदर अस्पताल में जिला यक्ष्मा विभाग की ओर से विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में जिला पदाधिकारी सावन कुमार ने टीबी मरीजों के बीच पोषण सामग्री से युक्त फूड बास्केट का वितरण किया तथा नियमित दवा, पौष्टिक आहार और चिकित्सकीय सलाह का पालन करने के लिए प्रेरित किया.
समय पर इलाज से टीबी पूरी तरह ठीक हो सकती है
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला पदाधिकारी सावन कुमार ने कहा कि टीबी एक गंभीर, लेकिन पूरी तरह इलाज योग्य बीमारी है. समय पर जांच, नियमित दवा और संतुलित आहार से इस रोग को पूरी तरह हराया जा सकता है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान का उद्देश्य केवल मरीजों का उपचार करना नहीं, बल्कि उन्हें बेहतर पोषण उपलब्ध कराकर शीघ्र स्वस्थ होने में सहायता करना भी है.
टीबी मुक्त सुपौल बनाने का लक्ष्य
डीएम ने कहा कि टीबी उन्मूलन के लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति की भागीदारी आवश्यक है. यदि किसी व्यक्ति को लंबे समय तक खांसी, बुखार, वजन कम होना या अन्य लक्षण दिखाई दें तो वह बिना देर किए सरकारी अस्पताल में जांच कराएं. उन्होंने कहा कि सरकार टीबी मरीजों को निःशुल्क जांच, दवा और पोषण सहायता उपलब्ध करा रही है तथा सुपौल को टीबी मुक्त जिला बनाना प्रशासन की प्राथमिकता है.
भेदभाव नहीं, सहयोग की जरूरत
जिला पदाधिकारी ने कहा कि टीबी मरीजों के साथ किसी प्रकार का भेदभाव नहीं होना चाहिए. समाज को आगे आकर उनका सहयोग करना चाहिए ताकि वे आत्मविश्वास के साथ अपना उपचार पूरा कर सकें. उन्होंने मरीजों से नियमित रूप से दवा लेने और बीच में इलाज नहीं छोड़ने की अपील की.
कार्यक्रम में सिविल सर्जन डॉ. बाबू साहब झा, जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ. विकास कुमार, डॉ. नूतन वर्मा, डॉ. ए.एस.पी. सिन्हा सहित स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सक, अधिकारी और कर्मी उपस्थित रहे.
