सदर अस्पताल में सर्जरी ओपीडी की शुरुआत आज से, मरीजों को मिलेगी राहत

मरीजों को मिलेगा सुलभ और किफायती इलाज

सुपौल. सदर अस्पताल में लंबे समय से प्रतीक्षित विशेषज्ञ चिकित्सकीय सेवाओं की शुरुआत होने जा रही है. सर्जन सहित विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति के बाद सदर अस्पताल में व्यापक और सकारात्मक बदलाव साफ दिखाई देने लगा है. इसी कड़ी में सोमवार से सदर अस्पताल में सर्जरी ओपीडी सेवा की औपचारिक शुरुआत की जा रही है. सर्जरी ओपीडी शुरू होने से जिले के हजारों मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी. अब उन्हें छोटी-बड़ी शल्य क्रियाओं के लिए बाहर के जिलों या महंगे निजी अस्पतालों का रुख नहीं करना पड़ेगा. सदर अस्पताल अब केवल रेफरल केंद्र नहीं बल्कि पूर्ण उपचार केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है. विशेषज्ञ चिकित्सकों की मजबूत टीम तैनात सर्जरी सेवाओं के सफल संचालन के लिए अनुभवी और दक्ष चिकित्सकों की टीम को सदर अस्पताल में पदस्थापित किया गया है. इस टीम में विशेषज्ञ सर्जन डॉ श्रुति सागर और डॉ एएसपी सिन्हा शामिल हैं. इनके साथ ईएमओसी विशेषज्ञ डॉ आलोक कुमार भी सेवाएं देंगे. यह टीम सर्जरी ओपीडी के साथ-साथ जरूरतमंद मरीजों को समय पर गुणवत्तापूर्ण इलाज उपलब्ध कराएगी. उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर विशेषज्ञ सेवाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है, ताकि आम लोगों को सुलभ और किफायती इलाज मिल सके. सदर अस्पताल में होगी कई तरह की सर्जरी सर्जरी ओपीडी शुरू होने के साथ ही सदर अस्पताल में हर्निया, हाइड्रोसील, पथरी (स्टोन), बच्चेदानी से संबंधित ऑपरेशन, बवासीर (पाइल्स) सहित अन्य आवश्यक सामान्य व जटिल शल्य क्रियाएं की जाएंगी. भविष्य में संसाधनों के अनुसार सर्जरी की सूची का विस्तार भी किया जाएगा. अब तक इन बीमारियों से पीड़ित मरीजों को दरभंगा, सहरसा, मधेपुरा या निजी अस्पतालों में इलाज कराना पड़ता था. मरीजों को मिलेगा सुलभ और किफायती इलाज सरकारी अस्पताल में सर्जरी सुविधा उपलब्ध होने से खासकर गरीब, मजदूर और ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों को बड़ा लाभ होगा. निजी अस्पतालों में जहां सर्जरी पर भारी खर्च आता है, वहीं सदर अस्पताल में यह सेवाएं बहुत कम खर्च या निःशुल्क उपलब्ध होंगी. आयुष्मान भारत और अन्य सरकारी योजनाओं के तहत पात्र मरीजों को कैशलेस इलाज की सुविधा भी दी जाएगी. आधारभूत संरचना में भी सुधार सर्जरी सेवाओं के लिए सदर अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर को आधुनिक उपकरणों से लैस किया गया है. आवश्यक सर्जिकल उपकरण, एनेस्थीसिया, पोस्ट-ऑपरेटिव वार्ड, दवाइयां और जांच सुविधाएं सुनिश्चित की गई है. साथ ही साफ-सफाई, बिजली, पानी और सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूत किया गया है. नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टाफ को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है. जिले के लिए ऐतिहासिक पहल स्वास्थ्य विशेषज्ञों और स्थानीय लोगों का मानना है कि सदर अस्पताल में सर्जरी ओपीडी की शुरुआत जिले के स्वास्थ्य इतिहास में मील का पत्थर साबित होगा. इससे न केवल मरीजों को राहत मिलेगी, बल्कि सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था पर लोगों का भरोसा भी बढ़ेगा. मॉडल अस्पताल के रूप में विकसित करने की है योजना : सीएस सिविल सर्जन डॉ ललन कुमार ठाकुर ने बताया कि यह केवल शुरुआत है. आने वाले दिनों में सदर अस्पताल को एक मॉडल जिला अस्पताल के रूप में विकसित करने की योजना है. जिसमें और भी विशेषज्ञ सेवाएं, आपातकालीन सुविधा, महिला एवं शिशु स्वास्थ्य तथा डायग्नोस्टिक सेवाओं को मजबूत किया जाएगा. सर्जरी ओपीडी शुरू होने की खबर से जिले में खुशी का माहौल है. आमजन को अब अपने ही जिले में बेहतर इलाज मिलने की नई उम्मीद जगी है.

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