– कॉमर्शियल गैस की कमी को लेकर व्यापारियों की हुई बैठक सुपौल. जिले में कॉमर्शियल गैस की लगातार हो रही किल्लत से होटल एवं रेस्टोरेंट व्यवसाय गहरे संकट में आ गये हैं. इसी गंभीर समस्या को लेकर सुपौल फूड विक्रेता संघ द्वारा शुक्रवार को मुख्यालय स्थित एक रिसोर्ट में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. बैठक में जिले के विभिन्न प्रखंडों से आए होटल संचालकों एवं रेस्टोरेंट व्यवसायियों ने भाग लिया और अपनी समस्याओं को विस्तार से रखा. बैठक के दौरान व्यवसायियों ने बताया कि पिछले करीब एक महीने से 19 किलोग्राम वाले कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की आपूर्ति पूरी तरह बाधित है. जबकि मीडिया में यह खबरें चल रही हैं कि 20 से 50 प्रतिशत तक गैस आपूर्ति बहाल की जा रही है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है. संघ के सदस्यों ने बताया कि उन्हें एक भी सिलेंडर उपलब्ध नहीं कराया गया है, जिससे उनका व्यवसाय पूरी तरह बंद होने की कगार पर पहुंच गया है. व्यवसायियों ने यह भी कहा कि गैस की अनुपलब्धता के कारण वे मजबूरी में लकड़ी और कोयले का सहारा ले रहे हैं, लेकिन इससे काम सुचारू रूप से चल पाना संभव नहीं है. इसका सीधा असर न सिर्फ होटल मालिकों पर पड़ रहा है, बल्कि इस व्यवसाय से जुड़े कर्मचारियों, दूध सप्लायर, सब्जी विक्रेताओं सहित कई अन्य लोगों की आजीविका पर भी गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है. बैठक के उपरांत संघ के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिला पदाधिकारी को ज्ञापन सौंपा. ज्ञापन में मांग की गई है कि नियमानुसार कम से कम 50 प्रतिशत कॉमर्शियल गैस की आपूर्ति जल्द से जल्द बहाल की जाए, ताकि होटल एवं रेस्टोरेंट व्यवसाय किसी तरह संचालित हो सके. इस मौके पर संतोष प्रधान, महेंद्र साह, चंदन कुमार साह, गणेश शर्मा, सूरज कुमार, पिंटू कुमार, राज कुमार, साकेत शुभम, सूर्यदेव यादव, उदय शंकर गुप्ता सहित कई व्यवसायी मौजूद थे.
कॉमर्शियल गैस सिलिंडर की आपूर्ति बाधित, कारोबार पर संकट
कॉमर्शियल गैस की कमी को लेकर व्यापारियों की हुई बैठक
