कुहासे की चादर से ढका रहा सुपौल, दूसरे दिन भी खिली धूप; सुबह 8 बजे तक सड़कों पर पसरा सन्नाटा
स्वास्थ्य पर भी दिख रहा असर
सुपौल. जिले में लगातार दूसरे दिन मौसम ने करवट ली. सुबह के समय घने और अत्यधिक कुहासे ने पूरे इलाके को अपनी चादर में ढक लिया, जिससे जनजीवन प्रभावित रहा. हालांकि दिन चढ़ने के साथ ही मौसम साफ हुआ. धूप निकलने से लोगों ने राहत की सांस ली. सुबह करीब 08 बजे तक कुहासे की वजह से सड़कों पर वाहनों की आवाजाही काफी कम देखने को मिली. जिससे आम जनजीवन की रफ्तार धीमी पड़ गई. सुबह तड़के जब लोग अपने घरों से बाहर निकले तो चारों ओर घना कोहरा छाया हुआ था. दृश्यता बेहद कम होने के कारण वाहन चालकों को खासा सतर्क रहना पड़ा. मुख्य सड़कों से लेकर ग्रामीण मार्गों तक कोहरे की मोटी परत जमी रही. कई स्थानों पर तो 10 से 15 मीटर आगे देख पाना भी मुश्किल हो गया, जिससे खासकर दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा. सुबह के समय यातायात रहा प्रभावित अत्यधिक कुहासे के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग, स्टेट हाईवे और जिला पथों पर सुबह के समय यातायात बेहद कम रहा. आम दिनों की तुलना में बसों, ट्रकों और निजी वाहनों की संख्या काफी घट गई. कई वाहन चालकों ने जोखिम उठाने के बजाय धूप निकलने का इंतजार करना ही बेहतर समझा. दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों और बाजार पहुंचने वाले लोगों को भी देरी का सामना करना पड़ा. स्थानीय ऑटो और ई-रिक्शा चालकों ने बताया कि सुबह सवारी बहुत कम मिली. कोहरे की वजह से लोग घरों से निकलने से बचते नजर आए. लंबी दूरी की बसें भी देर से रवाना हुईं, ताकि किसी तरह की दुर्घटना से बचा जा सके. कृषि कार्यों पर भी दिखा असर घने कुहासे का असर जिले के कृषि कार्यों पर भी देखने को मिला. सुबह के समय खेतों में काम करने वाले किसान देर से निकले. हालांकि दिन में धूप निकलने के बाद किसानों ने राहत महसूस की. कृषि विशेषज्ञों के अनुसार यह मौसम रबी फसलों, खासकर गेहूं और सरसों के लिए लाभदायक माना जा रहा है, लेकिन अत्यधिक नमी और ठंड लंबे समय तक रहने से फसलों में रोग लगने की संभावना भी बढ़ सकती है. किसानों ने बताया कि सुबह के समय पत्तों पर ओस और कोहरे की नमी जमी रहने से खेतों में काम करना कठिन हो जाता है. फिर भी धूप निकलने के बाद स्थिति सामान्य हो जाती है. धूप निकलते ही बदला मौसम का मिजाज करीब 09 बजे के बाद जैसे-जैसे धूप तेज हुई, वैसे-वैसे कुहासा छंटने लगा. आसमान साफ हुआ और तापमान में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई. धूप निकलने के बाद बाजारों और सड़कों पर चहल-पहल बढ़ गई. लोग अलाव छोड़कर बाहर निकलते नजर आए और रोजमर्रा के कामों में जुट गए. दोपहर तक मौसम पूरी तरह साफ हो गया. सड़कों पर फिर से वाहनों की आवाजाही सामान्य हो गई और बाजारों में रौनक लौट आई. ठंड से राहत मिलने के कारण लोगों के चेहरे पर भी सुकून दिखाई दिया. स्वास्थ्य पर भी दिख रहा असर मौसम में इस बदलाव का असर लोगों के स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा है. ठंड और कुहासे के कारण सर्दी, खांसी, जुकाम और बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ रही है. चिकित्सकों का कहना है कि सुबह और रात के समय ठंड अधिक होने से बुजुर्गों और बच्चों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए. डॉक्टरों ने लोगों को सुबह के समय गर्म कपड़े पहनने, धूप निकलने के बाद ही बाहर निकलने और गर्म पेय पदार्थों का सेवन करने की सलाह दी है. साथ ही वाहन चालकों को भी कोहरे में सावधानी से वाहन चलाने की अपील की गई है. मौसम विभाग का पूर्वानुमान मौसम विभाग के अनुसार आने वाले कुछ दिनों तक सुबह के समय कुहासा छाए रहने की संभावना है, जबकि दिन में मौसम साफ रहेगा और धूप खिली रहेगी. न्यूनतम तापमान में हल्की गिरावट और अधिकतम तापमान सामान्य के आसपास बने रहने की उम्मीद है.
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