शतचंडी महायज्ञ को लेकर तैयारी तेज

वैदिक विधि-विधान के अनुसार यज्ञ मंडप के मध्य में प्रधान वेदी का निर्माण किया जा रहा है

By RAJEEV KUMAR JHA | January 14, 2026 7:13 PM

– बरूआरी पश्चिम स्थित मां दुर्गा दस महाविद्या एवं नवग्रह मंदिर परिसर में 18 से 27 जनवरी 2026 तक होगा आयोजन सुपौल. सदर प्रखंड अंतर्गत बरूआरी पश्चिम स्थित मां दुर्गा दस महाविद्या एवं नवग्रह मंदिर परिसर में 18 से 27 जनवरी 2026 तक आयोजित होने वाले शतचंडी महायज्ञ को लेकर तैयारियां जोर-शोर से चल रही है. यज्ञ स्थल पर भक्तिमय वातावरण के बीच सभी आवश्यक व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है. जिससे आयोजन भव्य और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके. मंगलवार से काशी (बनारस) से पधारे विद्वान पंडित हिमांशु त्रिपाठी के नेतृत्व में व आचार्य कृष्णानंद शास्त्री के निर्देशन में यज्ञ मंडप में कुंड निर्माण का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है. वैदिक विधि-विधान के अनुसार यज्ञ मंडप के मध्य में प्रधान वेदी का निर्माण किया जा रहा है. इसके अतिरिक्त दो वृत्त कुंड, एक चंद्रकुंड, एक पद्म कुंड एवं एक चतुर्थस्थ कुंड का निर्माण भी विधिवत रूप से कराया जा रहा है. कुंड निर्माण के साथ ही अन्य धार्मिक अनुष्ठानों की तैयारी भी तेजी से की जा रही है. यज्ञ स्थल पर प्रतिदिन अपराह्न तीन बजे से प्रवचन एवं श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया जाएगा. इसके लिए एक भव्य पंडाल का निर्माण कार्य प्रगति पर है. श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पंडाल में बैठने की पर्याप्त व्यवस्था की जा रही है. साथ ही बिजली, साउंड सिस्टम, प्रकाश व्यवस्था एवं अन्य आवश्यक संसाधनों की भी समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है, ताकि श्रद्धालु बिना किसी असुविधा के धार्मिक कार्यक्रमों का लाभ उठा सकें. यज्ञ समिति ने बताया कि 18 जनवरी को शतचंडी महायज्ञ के शुभारंभ अवसर पर भव्य कलश शोभा यात्रा निकाली जाएगी. यह शोभा यात्रा यज्ञ स्थल से प्रारंभ होकर गांव का भ्रमण करते हुए हरिद्रा नदी किनारे स्थित कपिल मुनि घाट पहुंचेगी. वहां बाबा कपिलेश्वर महादेव मंदिर में विधिवत जल भरकर पुनः कलश यात्रा यज्ञ स्थल लौटेगी. जहां वैदिक मंत्रोच्चार के साथ अनुष्ठान संपन्न होगा. यज्ञ समिति के अध्यक्ष सुनील कुमार यादव, सचिव रमेश कुमार सिंह, नारायण प्रसाद सिंह, आनंद एवं नीरज कुमार झा ने बताया कि शतचंडी महायज्ञ को लेकर ग्रामीणों में विशेष उत्साह और श्रद्धा का माहौल है. आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है. आयोजन को सफल बनाने के लिए समिति के सभी सदस्य एवं ग्रामीण तन-मन-धन से जुटे हुए हैं. उन्होंने क्षेत्रवासियों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंच कर पुण्य लाभ अर्जित करने की अपील की है.

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