सुपौल के गांव में अधिकारी पहुंचे तो खुली समस्याओं की लंबी लिस्ट, सड़क-बिजली से पेंशन तक ग्रामीणों ने लगायी गुहार

सुपौल के पिपरा प्रखंड में लगे सहयोग शिविर में ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं रखीं. सड़क, बिजली, राशन, पेंशन, आंगनबाड़ी और स्वास्थ्य से जुड़ीं दिक्कतों को अधिकारियों के सामने उठाया. उम्मीद है कि इस बार शिकायतों का समाधान होगा.

Supaul News: कटैया-निर्मली (सुपौल) के सरकारी दफ्तरों का चक्कर लगाने से राहत देने के लिए मंगलवार को पिपरा प्रखंड की दो पंचायतों में सहयोग शिविर लगाया गया. कटैया माहे और पथरा दक्षिण पंचायत में आयोजित शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीण अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे. किसी ने जर्जर सड़क की शिकायत की तो किसी ने बिजली, राशन और पेंशन की समस्या बतायी. आंगनबाड़ी, आवास और स्वास्थ्य से जुड़े मामलों को लेकर भी ग्रामीणों ने अधिकारियों के सामने आवेदन दिया.

पंचायत स्तर पर अधिकारियों और ग्रामीणों के सीधे संवाद के उद्देश्य से आयोजित शिविर में विभिन्न विभागों के स्टॉल लगाये गये थे. ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं लिखित और मौखिक रूप से अधिकारियों के सामने रखीं. संबंधित विभागों के कर्मियों ने आवेदन प्राप्त कर नियमानुसार कार्रवाई का भरोसा दिलाया.

लेकिन शिविर में समस्या सुनाये जाने के साथ एक सवाल भी उठा. ग्रामीणों का कहना था कि ऐसे शिविरों में आवेदन तो ले लिये जाते हैं, लेकिन क्या शिकायतों का वास्तव में समाधान भी होता है?

सड़क से पेंशन तक, ग्रामीणों ने बतायीं अपनी परेशानियां

कटैया माहे और पथरा दक्षिण पंचायत में आयोजित शिविर में ग्रामीणों ने अलग-अलग विभागों से जुड़ी समस्याएं रखीं. पंचायत क्षेत्र की जर्जर सड़कों को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी दिखी.

इसके अलावा आंगनबाड़ी केंद्रों की व्यवस्था, बिजली आपूर्ति, राशन और सामाजिक सुरक्षा पेंशन से जुड़ी समस्याएं भी प्रमुखता से उठायी गयीं. ग्रामीणों ने आवास और स्वास्थ्य से जुड़े मामलों की जानकारी भी अधिकारियों को दी.

पंचायत स्तर पर एक ही जगह कई विभागों के अधिकारी और कर्मी मौजूद होने से ग्रामीणों को अपनी शिकायत सीधे संबंधित विभाग तक पहुंचाने का अवसर मिला.

पंचायत में ही अधिकारी मिले, लोगों को मिली शिकायत रखने की सुविधा

पंचायत सरकार भवन और सामुदायिक भवन परिसर में आयोजित शिविर में स्वास्थ्य, शिक्षा, पीएचईडी, मनरेगा, राजस्व, खाद्य एवं आपूर्ति, कृषि, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, बाल विकास परियोजना और विद्युत विभाग सहित कई विभागों के स्टॉल लगाये गये.

इस व्यवस्था से ग्रामीणों को अलग-अलग कार्यालयों तक जाने के बजाय एक ही स्थान पर अपनी समस्याएं रखने का मौका मिला. कई ग्रामीणों ने इस पहल को उपयोगी बताया. उनका कहना था कि पंचायत में अधिकारियों की मौजूदगी से गांव की समस्याएं सीधे प्रशासन तक पहुंचती हैं.

हालांकि ग्रामीणों की उम्मीद अब आवेदन देने के बाद होने वाली कार्रवाई को लेकर है.

ग्रामीण बोले- आवेदन लेकर कागजी प्रक्रिया पूरी करने तक सीमित न रहे शिविर

शिविर में पहुंचे कुछ ग्रामीणों ने कहा कि पंचायत स्तर पर इस तरह के आयोजन जरूरी हैं, क्योंकि इससे उन्हें अधिकारियों के सामने सीधे अपनी बात रखने का मौका मिलता है.

लेकिन ग्रामीणों ने यह आरोप भी लगाया कि कई मामलों में शिविर के दौरान आवेदन लेकर केवल कागजी प्रक्रिया पूरी कर दी जाती है. इसके बाद वास्तविक समस्या का समाधान नहीं हो पाता और स्थिति पहले जैसी ही बनी रहती है.

ग्रामीणों ने मांग की कि शिविर में प्राप्त प्रत्येक आवेदन की निगरानी की जाए और शिकायतों का समय सीमा के भीतर वास्तविक समाधान कराया जाए. उनके मुताबिक केवल आवेदन लेना पर्याप्त नहीं है, बल्कि संबंधित विभागों को मौके पर मिली शिकायतों पर आगे की कार्रवाई भी सुनिश्चित करनी चाहिए.

बीडीओ ने कहा- शिकायतों का नियमानुसार होगा निष्पादन

निर्मली पंचायत में आयोजित शिविर में मौजूद प्रखंड विकास पदाधिकारी अमरेन्द्र पंडित ने कहा कि सहयोग शिविर का उद्देश्य पंचायत स्तर पर ग्रामीणों की समस्याओं को सुनना और उनका नियमानुसार त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करना है.

उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों और कर्मियों को प्राप्त आवेदनों पर गंभीरता से कार्रवाई करने का निर्देश दिया. अधिकारियों की ओर से ग्रामीणों को आश्वस्त किया गया कि प्राप्त शिकायतों की जांच कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जायेगी.

अब प्रशासन के सामने चुनौती शिविर में मिले आवेदनों को संबंधित विभागों तक पहुंचाने के साथ उनका समय पर निष्पादन सुनिश्चित करने की है.

बड़े अधिकारियों ने भी पहुंचकर देखा शिविर का हाल

शिविर की व्यवस्था और ग्रामीणों से प्राप्त शिकायतों की जानकारी लेने के लिए वरीय अधिकारियों ने भी निरीक्षण किया.

कटैया माहे पंचायत सरकार भवन में चल रहे सहयोग शिविर का अपर समाहर्ता, सुपौल ने निरीक्षण किया. उन्होंने विभिन्न विभागों के स्टॉल का जायजा लिया और ग्रामीणों से प्राप्त आवेदनों की जानकारी ली.

वहीं पथरा दक्षिण पंचायत में आयोजित शिविर का उप विकास आयुक्त, सुपौल ने निरीक्षण किया. उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए प्राप्त शिकायतों पर नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा.

Supaul News: अब असली परीक्षा आवेदनों के निष्पादन की

सहयोग शिविर में ग्रामीणों की समस्याएं सीधे अधिकारियों तक पहुंच गयीं, लेकिन इसकी सफलता का आकलन अब आगे होगा. सड़क, बिजली, पेंशन, राशन, आंगनबाड़ी और स्वास्थ्य जैसी समस्याओं पर कितनी तेजी से कार्रवाई होती है, यही इस पहल की असली परीक्षा होगी.

ग्रामीणों की सबसे बड़ी उम्मीद यही है कि शिविर में दिया गया आवेदन किसी फाइल तक सीमित न रह जाए. जिन समस्याओं को लेकर वे लंबे समय से परेशान हैं, उनका समाधान जमीन पर दिखाई दे.

यदि प्राप्त आवेदनों पर समयबद्ध कार्रवाई होती है तो पंचायत स्तर पर आयोजित सहयोग शिविर ग्रामीणों के लिए सरकारी सेवाओं तक पहुंच का प्रभावी माध्यम बन सकता है. वहीं शिकायतें केवल कागजों तक सीमित रहीं तो ग्रामीणों की यह आशंका भी मजबूत होगी कि शिविर महज औपचारिकता बनकर रह गया.

सहयोग शिविर का जायजा लेते अधिकारी | Prabhat Khabar Network

Also Resd: बांका में 75 हजार रुपये रिश्वत लेते बीडीओ गिरफ्तार, मामा को भी दबोचा, निगरानी की छठी कार्रवाई से जिले में मचा हड़कंप

Also Read: पटना में शिक्षा मंत्री के आवास के बाहर बैठे CTET कैंडिडेट, बोले- STET को मौका मिला तो हमें क्यों नहीं?

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By इंद्रभूषण कुमार

इंद्रभूषण प्रिंट माध्यम में 10 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. सामाजिक सरोकार, शिक्षा, अपराध, राजनीति, कला-संस्कृति की खबरों में रुचि रखते हैं. कटैया निर्मली (सुपौल) क्षेत्र में काम कर रहे हैं.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >