Supaul News: सुपौल में खेती के सीजन में खाद की जरूरत के बीच किसानों के लिए राहत की खबर है. राघोपुर प्रखंड प्रशासन ने उर्वरक विक्रेताओं को साफ निर्देश दिया है कि किसानों से सरकार द्वारा तय कीमत से अधिक राशि नहीं ली जाए. खाद की बिक्री में किसी तरह की गड़बड़ी, कालाबाजारी या अधिक कीमत वसूलने की शिकायत मिलने पर संबंधित विक्रेता के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
मंगलवार को प्रखंड कार्यालय परिसर स्थित ई-किसान भवन के सभा भवन में प्रखंड उर्वरक निगरानी समिति की बैठक हुई. बैठक में खाद की उपलब्धता से लेकर उसकी कीमत और किसानों तक समय पर पहुंचाने की व्यवस्था की समीक्षा की गयी.
किसानों के लिए इस बैठक का महत्व इसलिए भी है, क्योंकि खाद की कीमत और उपलब्धता खेती की लागत पर सीधा असर डालती है. ऐसे में प्रशासन ने बिक्री व्यवस्था में पारदर्शिता रखने पर विशेष जोर दिया है.
सरकार की तय कीमत से ज्यादा लिया तो कार्रवाई
बैठक की अध्यक्षता प्रखंड प्रमुख फिदा हुसैन ने की. अनुमंडल कृषि पदाधिकारी संजीव तांती ने थोक और खुदरा उर्वरक विक्रेताओं को निर्देश दिया कि किसानों को सरकार द्वारा निर्धारित दर पर ही खाद उपलब्ध कराएं.
उन्होंने कहा कि खाद की बिक्री में पूरी पारदर्शिता रखी जाए और किसानों को किसी तरह की परेशानी न हो. यदि निर्धारित मूल्य से अधिक राशि लेने या खाद बिक्री में किसी तरह की अनियमितता की शिकायत मिलती है, तो संबंधित विक्रेता के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.
विक्रेताओं को खाद के स्टॉक और बिक्री का अद्यतन रिकॉर्ड रखने का भी निर्देश दिया गया.
किसान ऐसे बचा सकते हैं अपनी जेब पर अतिरिक्त बोझ
प्रशासन की ओर से किसानों से अपील की गयी है कि वे खाद खरीदते समय निर्धारित कीमत का ध्यान रखें. यदि किसी विक्रेता की ओर से तय दर से अधिक पैसे मांगे जाते हैं या बिक्री में अनियमितता दिखाई देती है, तो इसकी जानकारी कृषि विभाग के अधिकारियों को दी जा सकती है.
इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि खाद की मांग बढ़ने के दौरान किसानों को मजबूरी में अधिक कीमत न चुकानी पड़े.
समय पर खाद उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता
प्रखंड विकास पदाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने कहा कि किसानों को समय पर और उचित दर पर उर्वरक उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है.
उन्होंने विक्रेताओं से किसानों के हित में पारदर्शी तरीके से खाद बेचने की अपील की. साथ ही कालाबाजारी और निर्धारित दर से अधिक कीमत वसूलने की शिकायतों को गंभीरता से लेने की बात कही.
इससे साफ है कि प्रशासन केवल खाद की उपलब्धता पर ही नहीं, बल्कि उसकी बिक्री की प्रक्रिया पर भी नजर रख रहा है.
कृषि विभाग लगातार कर रहा निगरानी
प्रखंड कृषि पदाधिकारी मयंक आर्यन ने बताया कि कृषि विभाग की ओर से प्रखंड में उर्वरक की उपलब्धता और बिक्री व्यवस्था की लगातार निगरानी की जा रही है.
उन्होंने किसानों से अपील की कि वे खाद निर्धारित मूल्य पर ही खरीदें. किसी तरह की अनियमितता सामने आने पर कृषि विभाग के अधिकारियों को इसकी जानकारी दें.
विभाग का फोकस यह सुनिश्चित करने पर है कि थोक से लेकर खुदरा स्तर तक खाद की वितरण व्यवस्था व्यवस्थित रहे और किसानों को समय पर उर्वरक मिल सके.
खाद विक्रेताओं को स्टॉक का रिकॉर्ड रखने का निर्देश
बैठक में अधिकारियों ने सभी थोक और खुदरा उर्वरक विक्रेताओं को गुणवत्तापूर्ण खाद निर्धारित मूल्य पर उपलब्ध कराने की हिदायत दी.
विक्रेताओं से स्टॉक और बिक्री का रिकॉर्ड अपडेट रखने को कहा गया है. इससे खाद की उपलब्धता और बिक्री की स्थिति पर निगरानी रखने में प्रशासन को मदद मिलेगी.
किसानों के लिए इसका सीधा मतलब यह है कि खाद की कमी या कीमत को लेकर शिकायत सामने आने पर प्रशासन के पास बिक्री और स्टॉक की स्थिति की जांच करने का आधार रहेगा.
Supaul News: सौर ऊर्जा अपनाने की भी अपील
बैठक में सिर्फ खाद की व्यवस्था पर चर्चा नहीं हुई. बिजली विभाग के अनुमंडल पदाधिकारी कामदेव मोदक ने उर्वरक विक्रेताओं से अपने घरों और प्रतिष्ठानों में सोलर लाइट लगाने की अपील की.
उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा अपनाने से बिजली की खपत कम करने के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा. उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक स्वच्छ और हरित ऊर्जा का इस्तेमाल करने का आग्रह किया.
बैठक में प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी सुनील कुमार देव, किसान सत्यनारायण सहनोगिया, कृषि समन्वयक वीरेंद्र कुमार, विनोद कुमार, नवल किशोर वर्मा, सुनील कुमार समेत प्रखंड क्षेत्र के थोक और खुदरा उर्वरक विक्रेता मौजूद रहे.
