सरायगढ़ (सुपौल) से बलराम प्रसाद की रिपोर्ट
Supaul News: आगामी मुहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और भाईचारे के माहौल में संपन्न कराने को लेकर भपटियाही थाना परिसर में शांति समिति की बैठक आयोजित की गई. बैठक की अध्यक्षता अंचलाधिकारी धीरज कुमार ने की. बैठक में प्रखंड क्षेत्र की सभी 12 पंचायतों के जनप्रतिनिधि, बुद्धिजीवी, सामाजिक कार्यकर्ता और गणमान्य नागरिक शामिल हुए.
मुहर्रम भाईचारे और त्याग का पर्व : सीओ
बैठक को संबोधित करते हुए अंचलाधिकारी धीरज कुमार ने कहा कि मुहर्रम केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आपसी भाईचारे, त्याग और सामाजिक सौहार्द का प्रतीक है. उन्होंने कहा कि पर्व के दौरान शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखना सभी नागरिकों की सामूहिक जिम्मेदारी है.
सीओ ने लोगों से अफवाहों से दूर रहने और सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की भ्रामक या आपत्तिजनक सामग्री साझा नहीं करने की अपील की. उन्होंने कहा कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि, विवाद या अप्रिय घटना की सूचना तत्काल पुलिस प्रशासन को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके.
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संवेदनशील स्थलों पर रहेगी प्रशासन की विशेष नजर
भपटियाही थानाध्यक्ष जयप्रकाश चौधरी ने कहा कि मुहर्रम को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क और तैयार है. उन्होंने लोगों से प्रशासन का सहयोग करने और आपसी सौहार्द बनाए रखने की अपील की.
बैठक में पर्व के दौरान संवेदनशील स्थलों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती, नियमित गश्ती बढ़ाने, असामाजिक तत्वों पर कड़ी नजर रखने और अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई.
Supaul News: यातायात व्यवस्था पर भी रहेगा फोकस
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि मुहर्रम के दौरान साफ-सफाई, यातायात व्यवस्था और विधि-व्यवस्था को लेकर विशेष निगरानी रखी जाएगी. अधिकारियों ने कहा कि त्योहार के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
बैठक में उपस्थित लोगों ने भी प्रशासन को हरसंभव सहयोग देने का भरोसा दिलाया और पर्व को शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न कराने का संकल्प लिया.
बैठक में एसआई शौर्य दिव्यांशु, वर्षा कुमारी, जिला परिषद सदस्य गौतम कुमार, विजय कुमार सिंह, राजेंद्र साह, सूर्य नारायण मेहता, उमेश यादव, मो. सुभान, मो. इफ्तेखार अहमद, मो. सलीम, मो. खलील, आनंद प्रसाद सिंह, शशि शेखर यादव, राज किशोर पासवान, रमेश मुखिया, लाल बहादुर मेहता, परमेश्वर मुखिया, मो. शरीफुल्लाह, मो. अलाउद्दीन सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक मौजूद थे.
