सदर अस्पताल में खुला नीरा बिक्री काउंटर, मुख्यमंत्री नीरा संवर्धन योजना को मिला बढ़ावा

Supaul Neera Sale Initiative: ग्रामीण आजीविका को सशक्त बनाने और मुख्यमंत्री नीरा संवर्धन योजना को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सुपौल सदर अस्पताल परिसर स्थित जीविका दीदी की रसोई में अस्थायी नीरा बिक्री काउंटर का उद्घाटन किया गया. इस पहल से नीरा उत्पादकों को बाजार उपलब्ध कराने के साथ ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी.

सुपौल से रोशन सिंह की रिपोर्ट:

Supaul Neera Sale Initiative: बिहार ग्रामीण जीविकोपार्जन प्रोत्साहन समिति (जीविका) की ओर से संचालित आजीविका गतिविधियों को मजबूती देने के उद्देश्य से सदर अस्पताल परिसर स्थित जीविका दीदी की रसोई में अमृत जीविका नीरा उत्पादक समूह द्वारा संचालित अस्थायी नीरा बिक्री काउंटर का उद्घाटन मद्य निषेध अधीक्षक अशोक कुमार ने किया.

उद्घाटन के दौरान मद्य निषेध अधीक्षक ने कहा कि मुख्यमंत्री नीरा संवर्धन योजना के तहत राज्य सरकार नीरा उत्पादन और विपणन को बढ़ावा देने के लिए लगातार कार्य कर रही है. सरकार की ओर से नीरा उत्पादकों को प्रोत्साहन राशि भी उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे ग्रामीण परिवारों की आय में वृद्धि हो सके.

उन्होंने सभी लाइसेंसधारी नीरा उत्पादकों से केवल नीरा का संग्रहण एवं विक्रय करने तथा सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना का लाभ उठाने की अपील की.

जीविका के माध्यम से बढ़ रहा नीरा उत्पादन

कार्यक्रम में उपस्थित प्रबंधक आजीविका ने बताया कि जीविका के माध्यम से ताड़ी निकालने वाले परिवारों को नीरा उत्पादन की ओर प्रेरित किया जा रहा है. नीरा टैपरों को प्रशिक्षण, तकनीकी सहयोग और विपणन सहायता उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि वे सम्मानजनक एवं स्थायी आजीविका अर्जित कर सकें.

उन्होंने कहा कि नीरा केवल आय का साधन ही नहीं बल्कि एक पौष्टिक और प्राकृतिक पेय भी है, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है.

स्वास्थ्यवर्धक पेय है नीरा

कार्यक्रम में बताया गया कि नीरा में आयरन, कैल्शियम, पोटैशियम, विटामिन-सी, प्राकृतिक शर्करा सहित कई खनिज तत्व पाए जाते हैं. यह शरीर को ऊर्जा प्रदान करने के साथ रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक माना जाता है.

विशेषज्ञों के अनुसार संतुलित मात्रा में ताजा नीरा का सेवन शरीर को शीतलता प्रदान करता है और गर्मी व निर्जलीकरण से बचाने में मददगार हो सकता है. हालांकि किसी भी गंभीर बीमारी के उपचार के लिए चिकित्सकीय परामर्श आवश्यक है.

लाइसेंसधारी टैपरों को मिलेगा लाभ

कार्यक्रम के दौरान बताया गया कि जीविका द्वारा सत्यापित नीरा टैपरों का सत्यापन कर मद्य निषेध विभाग की ओर से लाइसेंस जारी किया जा रहा है. इससे नीरा उत्पादन और विपणन को अधिक व्यवस्थित एवं सुरक्षित बनाया जा सकेगा.

इस अवसर पर प्रभारी कृषि प्रबंधक चमन कुमार, आजीविका विशेषज्ञ रंजीत कुमार, युवा पेशेवर दीपक कुमार, टैपर विकास कुमार, मिथुन पासी, मोहन पासी समेत बड़ी संख्या में जीविका दीदी और नीरा उत्पादक समूह के सदस्य उपस्थित रहे.

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Published by: Shruti Kumari

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