स्वच्छता अभियान को मिली नई रफ्तार: सुपौल में एक माह में 1236 पैडल रिक्शा हुए चालू

जांच में 1236 पैडल रिक्शा एवं 128 ई-रिक्शा अकार्यरत पाए गए थे

– घर-घर कचरा उठाव होगा प्रभावी

सुपौल

स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) एवं लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान फेज-2 के तहत संचालित होने वाले “स्वच्छ गांव-सुरक्षित जलवायु ” अभियान को सफल बनाने की दिशा में सुपौल जिला प्रशासन ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है.

घर-घर कचरा संग्रहण की व्यवस्था के लिए मिली है नई मजबूती

जिले में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए अक्रियाशील पड़े सभी 1236 पैडल रिक्शा को मात्र एक माह के भीतर पुनः कार्यरत कर दिया गया है. जिला प्रशासन द्वारा पंचायत स्तर पर घर-घर कचरा संग्रहण एवं परिवहन व्यवस्था की समीक्षा के दौरान सभी पैडल रिक्शा एवं ई-रिक्शा की क्रियाशीलता की जांच कराई गई थी. जांच में 1236 पैडल रिक्शा एवं 128 ई-रिक्शा अकार्यरत पाए गए थे. इसके बाद उप विकास आयुक्त, सुपौल के निर्देश पर सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों द्वारा विशेष अभियान चलाया गया. अभियान के परिणामस्वरूप जिले के सभी 1236 अक्रियाशील पैडल रिक्शा को पुनः चालू कर दिया गया, जिससे पंचायतों में स्वच्छता कर्मियों द्वारा घर-घर कचरा संग्रहण की व्यवस्था को नई मजबूती मिली है. अब इन रिक्शों के माध्यम से घरों से कचरा एकत्र कर अपशिष्ट प्रसंस्करण इकाई (डब्लूपीयू) तक पहुंचाया जाएगा. जहां सूखे और गीले कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निष्पादन किया जाएगा. प्रशासन ने बताया कि शेष 128 अक्रियाशील ई-रिक्शा को भी शीघ्र ही कार्यरत कर लिया जाएगा. जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था पूरी तरह सुदृढ़ हो सके. जिला प्रशासन ने ग्रामीण नागरिकों से अपील की है कि यदि उनके क्षेत्र में घर-घर कचरा उठाव से संबंधित किसी प्रकार की समस्या या शिकायत हो, तो वे जिला स्वच्छता कार्यालय, सुपौल के मोबाइल नंबर 6200994599 पर कार्यालय अवधि में संपर्क कर सकते हैं. इस पहल से न केवल ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण एवं सुरक्षित जलवायु के लक्ष्य को प्राप्त करने में भी महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा.

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