विश्व पर्यावरण दिवस पर सुपौल बना हरित चेतना का केंद्र: जिलेभर में हुआ 850 से अधिक पौधरोपण
कार्यक्रम की शुरुआत महात्मा गांधी चिल्ड्रेन पार्क, सुपौल में स्वच्छता अभियान से हुई
– जिलाधिकारी सावन कुमार ने “एक पेड़ मां के नाम ” अभियान के तहत समाहरणालय परिसर में किया पौधारोपण
– पर्यावरण एवं वन विभाग द्वारा राधेश्याम पब्लिक स्कूल में पेंटिंग व लेखन प्रतियोगिता की गई आयोजित
सुपौल.
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा जिलेभर में विविध जागरूकता एवं पौधारोपण कार्यक्रमों का भव्य आयोजन किया गया. कार्यक्रमों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण, हरित आवरण बढ़ाने व स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण के प्रति जन-जागरूकता फैलाने का संदेश दिया गया. कार्यक्रम की शुरुआत महात्मा गांधी चिल्ड्रेन पार्क, सुपौल में स्वच्छता अभियान से हुई. इसके बाद समाहरणालय परिसर में जिलाधिकारी सावन कुमार ने “एक पेड़ मां के नाम ” अभियान के तहत पौधारोपण किया.
इस अवसर पर उप विकास आयुक्त, वन प्रमंडल पदाधिकारी सहित अन्य प्रशासनिक पदाधिकारी उपस्थित रहे. समाहरणालय परिसर में कुल 50 पौधे लगाए गए. साथ ही जिलाधिकारी ने पर्यावरण संरक्षण एवं जन-जागरूकता के उद्देश्य से पर्यावरण रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया.
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर नवोदय विद्यालय परिसर में 100 पौधों का किया गया रोपण
नवोदय विद्यालय परिसर में 100 पौधों का रोपण किया गया. कार्यक्रम में नवोदय विद्यालय एलुमनी एसोसिएशन के सचिव गुण सागर साहू, कोषाध्यक्ष सादव अख्तर, सदस्य शंभू कुमार, आदित्य कुमार, राहुल कुमार, समाजसेवी पंकज प्रियदर्शी, राजेंद्र साहू, शकुंतला देवी सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने सहभागिता निभाई.राधेश्याम पब्लिक स्कूल में पर्यावरण एवं वन विभाग द्वारा बच्चों के लिए पेंटिंग एवं लेखन प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया. इस अवसर पर वन प्रमंडल पदाधिकारी, वनपाल एवं वनरक्षी उपस्थित रहे. वीरपुर वन प्रक्षेत्र के तत्वावधान में निजी स्कूल, वीरपुर में बच्चों के बीच पौधों का वितरण एवं पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया. यहां कुल 200 पौधे लगाए गए. इसके अतिरिक्त एनजीओ द्वारा 200 तथा इीएआईफ एनजीओ द्वारा 300 पौधों का रोपण किया गया. विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित इन कार्यक्रमों के माध्यम से जिलेभर में पर्यावरण संरक्षण के प्रति सकारात्मक संदेश प्रसारित किया गया तथा आमजन, विद्यार्थियों एवं विभिन्न संस्थाओं को प्रकृति संरक्षण के लिए प्रेरित किया गया.