– उच्च माध्यमिक विद्यालय बैरो में “यूथ एंड इको क्लब” का सराहनीय पहल – छात्रों ने नीम, आम, आंवला, नींबू और तुलसी के पौधे लगाकर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश सुपौल. सदर प्रखंड अंतर्गत उच्च माध्यमिक विद्यालय बैरो परिसर में मंगलवार की प्रातःकालीन बेला में एक सराहनीय पर्यावरणीय पहल देखने को मिली. विद्यालय के बच्चों द्वारा संचालित “यूथ एंड इको क्लब” के तत्वावधान में पौधरोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. जिसमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया. इस अवसर पर नीम, आम, आंवला, नींबू और तुलसी जैसे 51 उपयोगी एवं औषधीय पौधों का रोपण किया गया. कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्रों के बीच पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना और उन्हें हरित वातावरण के महत्व से अवगत कराना था. पौधरोपण के दौरान बच्चों ने न केवल प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाई, बल्कि स्वच्छ और हरित भविष्य का संदेश भी समाज को दिया. विद्यालय परिसर हरियाली की नई उम्मीदों से भर उठा और पूरे वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा का संचार देखने को मिला. इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाध्यापक बमभोला कुमार ने छात्रों को संबोधित करते हुए पौधों के महत्व, उनके औषधीय गुणों तथा पर्यावरण संतुलन में उनकी भूमिका के बारे में विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने कहा कि पेड़-पौधे मानव जीवन के आधार हैं. इनके संरक्षण के बिना जीवन की कल्पना संभव नहीं है. वहीं सामाजिक विज्ञान के शिक्षक सत्यजीत कुमार सिंह ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम बच्चों में प्रकृति के प्रति प्रेम और जिम्मेदारी की भावना विकसित करते हैं. उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करें और अपने आसपास के वातावरण को हरा-भरा बनाने में सक्रिय भूमिका निभाएं. कहा कि यह पहल न केवल विद्यालय के लिए, बल्कि पूरे समाज के लिए प्रेरणादायक साबित हो रही है. जो आने वाली पीढ़ियों को पर्यावरण संरक्षण की दिशा में जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी. कार्यक्रम के अंत में सभी छात्रों ने पर्यावरण की रक्षा करने और अधिक से अधिक पौधे लगाने का सामूहिक संकल्प लिया. मौके पर अशोक झा, दिनेश कुमार, ब्रजेश कुमार, गुरु प्रसाद, रेखा सिंह, मनीषा कुमारी, बीना कुमारी, धीरज कुमार, मो इमदाद, मो नौशाद, भूषण, संजय कुमार सहित काफी संख्या में बच्चे मौजूद थे.
उमावि बैरो के छात्रों ने लगाये 51 उपयोगी व औषधीय पौधे
छात्रों ने नीम, आम, आंवला, नींबू और तुलसी के पौधे लगाकर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
